मकर संक्रांति पर ग्राम पंचायत मुडैहरा के प्रधान प्रत्याशी देशदीपक पांडेय का विकास दृष्टिकोण
ग्राम पंचायत मुडैहरा के विकास पर देशदीपक पांडेय की सोच
मकर संक्रांति पर गांव के विकास और राजनीति के प्रति उनकी स्पष्ट सोच मकर संक्रांति के अवसर पर ग्राम पंचायत मुडैहरा के प्रधान प्रत्याशी देशदीपक पांडेय ने हमारी टीम के साथ एक विशेष बातचीत की। सेवा, समर्पण और स्वच्छ राजनीति के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने गांव के विकास के लिए उनकी योजनाबद्ध सोच को उजागर किया।
प्रश्न 1: मकर संक्रांति आपके लिए क्या महत्व रखती है?
देशदीपक पांडेय: "मकर संक्रांति केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह नई ऊर्जा, सामाजिक समरसता और सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है। जैसे सूर्य उत्तरायण होता है, हमें भी समाज में सकारात्मकता की ओर बढ़ना चाहिए। मैं मुडैहरा के सभी ग्रामवासियों को शुभकामनाएँ देता हूँ।"
प्रश्न 2: आपकी राजनीतिक सोच क्या है?
देशदीपक पांडेय: "मेरी राजनीति का आधार सेवा, समर्पण और राष्ट्रवाद है। मेरे लिए राजनीति केवल सत्ता का खेल नहीं, बल्कि समाज में बदलाव लाने का एक साधन है। जनता की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान करना मेरा मुख्य उद्देश्य है।"
प्रश्न 3: समाज और गांव के लिए आपकी प्राथमिकताएँ क्या हैं?
देशदीपक पांडेय: "मैं मुडैहरा को एक सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर पंचायत बनाना चाहता हूँ। मेरा सपना है कि गांव की एक अलग पहचान बने।
मेरी प्रमुख प्राथमिकताएँ—
महिलाओं का सशक्तिकरण
युवाओं के लिए रोजगार के अवसर
किसानों की आय में वृद्धि
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएँ
हर घर तक पक्की सड़कें और साफ नालियाँ
हर जरूरतमंद को पक्का मकान और शौचालय
बच्चों के लिए लाइब्रेरी और खेल के मैदान
पंचायत में मैरेज हॉल और छठ घाट का निर्माण
मुडैहरा को मॉडल पंचायत बनाना मेरा लक्ष्य है।"
प्रश्न 4: राजनीति में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को आप कैसे देखते हैं?
देशदीपक पांडेय: "प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, लेकिन यदि नीयत साफ हो तो चुनौतियाँ हमें मजबूत बनाती हैं। मैं इसे खुद को बेहतर बनाने का अवसर मानता हूँ।"
प्रश्न 5: एक शिक्षक के रूप में आपकी सोच राजनीति में कैसे मदद करती है?
देशदीपक पांडेय: "शिक्षा और राजनीति एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। शिक्षित समाज ही मजबूत लोकतंत्र की नींव है। मैंने युवाओं की समस्याएँ नजदीक से देखी हैं, जिससे मुझे नीति और समाज की वास्तविक जरूरतों को समझने में मदद मिलती है।"
प्रश्न 6: मुडैहरा की जनता आपको क्यों चुने?
देशदीपक पांडेय: "क्योंकि मैं चुनाव के समय ही नहीं, बल्कि हर समय जनता के बीच रहता हूँ। मुझे हर समस्या की गहरी समझ है और हर मुद्दे पर मेरी स्पष्ट कार्ययोजना है।"
"मैं वादों की नहीं, काम की राजनीति में विश्वास रखता हूँ।"
प्रश्न 7: मुडैहरा की जनता के लिए आपका संदेश?
देशदीपक पांडेय: "मैं जनता को विश्वास दिलाता हूँ कि हर सुख-दुख में मैं उनके साथ रहूँगा। आपका आशीर्वाद मेरी ताकत है। हम सब मिलकर मुडैहरा को विकास के नए शिखर पर ले जाएंगे। यह गांव मेरे लिए केवल गांव नहीं, बल्कि मेरा परिवार है।"
लेखक की कलम से — समापन
देशदीपक पांडेय का व्यक्तित्व दृढ़ संकल्प, संवेदनशीलता और सेवा भाव का उत्तम उदाहरण है। वे राजनीति को करियर नहीं, बल्कि कर्तव्य मानते हैं। उनकी कार्यशैली और जनसेवा की प्रतिबद्धता यह संकेत देती है कि वे आने वाले समय में न केवल मुडैहरा पंचायत, बल्कि महराजगंज जिले की राजनीति में भी एक प्रेरणादायी भूमिका निभा सकते हैं।