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मकर संक्रांति पर चाइनीज मांझे का कहर: जानें कैसे हुईं दर्दनाक घटनाएं

मकर संक्रांति के दौरान चाइनीज मांझे ने कई दर्दनाक घटनाओं को जन्म दिया, जिसमें कई लोगों ने अपनी जान गंवाई। इंदौर में एक व्यक्ति की गर्दन कट गई, जबकि उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में भी इसी तरह की घटनाएं हुईं। अदालत ने इस खतरनाक मांझे पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है, लेकिन खतरा अभी भी बना हुआ है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
 

पतंगबाजी का उत्सव, लेकिन चाइनीज मांझे का खतरा


मकर संक्रांति के अवसर पर देशभर में लोग पतंग उड़ाने में व्यस्त थे। हर गली और छत पर पतंगों की डोरें नजर आ रही थीं। लेकिन इसी बीच, नायलॉन से बने चाइनीज मांझे ने कई जगहों पर कहर बरपा दिया। सड़क पर चलते हुए कई लोग इसकी चपेट में आ गए, जिससे कुछ की गर्दन कट गई और कुछ की सांसें थम गईं। इस खुशी के दिन ने मातम का रूप ले लिया।


चाइनीज मांझा: एक खतरनाक वस्तु

चाइनीज मांझा नायलॉन से बनी एक बेहद पतली और तेज डोर है, जिसे पहले चीन से आयात किया जाता था। इसकी मजबूती के कारण यह सामान्य सूती मांझे की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी होती है। यही कारण है कि यह दूसरी पतंगों की डोर को आसानी से काट देती है, लेकिन यह इंसानी त्वचा को भी गंभीर चोट पहुंचा सकती है। कभी-कभी एक हल्की टक्कर भी जानलेवा साबित हो सकती है।


इंदौर में एक व्यक्ति की दुखद मौत

मध्य प्रदेश के इंदौर में 45 वर्षीय रघुबीर धाकड़ बाइक चला रहे थे, तभी एक पतंग का नायलॉन मांझा उनकी गर्दन में फंस गया। तेज धार ने उनकी गर्दन काट दी और खून बहने लगा। आसपास के लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले ही उनकी मौत हो गई। यह घटना सभी को झकझोर कर रख गई।


उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में भी हुईं मौतें

उत्तर प्रदेश के जौनपुर में दो व्यक्तियों की इसी तरह जान चली गई। पहले एक शिक्षक की गर्दन कट गई और थोड़ी देर बाद एक युवक की भी मौत हो गई। कर्नाटक के बीदर जिले में 48 वर्षीय संजू कुमार होसामणि की गर्दन में मांझा फंस गया और एंबुलेंस आने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। एक ही दिन में चार मौतों ने सभी को डरा दिया।


क्या अदालत ने इस खतरे पर सख्त कदम उठाए?

इन घटनाओं के बाद, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने कड़ा रुख अपनाया। अदालत ने चाइनीज मांझे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि यदि कोई नाबालिग इस मांझे से पतंग उड़ाता पाया गया, तो उसके माता-पिता जिम्मेदार होंगे। यह निर्णय लोगों की जान बचाने के लिए लिया गया है।


क्या अब दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी?

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध के बावजूद यदि कोई इस मांझे को बेचता या इस्तेमाल करता पाया गया, तो उस पर लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया जाएगा। इसमें कड़ी सजा का प्रावधान है। यह चेतावनी दुकानदारों और पतंग उड़ाने वालों दोनों के लिए है। कानून अब किसी भी तरह की ढील नहीं देना चाहता।


क्या खतरा अभी भी बना हुआ है?

पिछले एक साल में पुलिस ने लाखों गट्टे चाइनीज मांझा जब्त किया है और कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। इसके बावजूद, यह मांझा चोरी-छिपे बिक रहा है। जब तक लोग खुद सतर्क नहीं होंगे, तब तक खतरा बना रहेगा। त्योहार की खुशी तभी पूरी होगी जब सभी सुरक्षित रहेंगे। एक पतंग किसी की जान से ज्यादा कीमती नहीं हो सकती।