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मणिपुर के फेमोल गांव में फिर भड़की हिंसा, 15 घर जलकर राख

मणिपुर के कामजोंग जिले के फेमोल गांव में हाल ही में हुई हिंसा में 15 घर जलकर राख हो गए हैं। यह घटना नगा और कुकी समुदायों के बीच बढ़ते तनाव का परिणाम है। आगजनी की इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया, जिससे पास के गांव में भी आग लगाने की कोशिश की गई। जानें इस हिंसा के पीछे के कारण और वर्तमान स्थिति के बारे में।
 

मणिपुर में फिर से हिंसा का दौर

बुधवार को मणिपुर के कामजोंग जिले में एक बार फिर से हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं। फेमोल गांव, जो नगा और कुकी समुदायों का गढ़ है, में आगजनी की गई। कुकी समुदाय का एक खाली घर था, जिस पर कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने आग लगा दी और वहां से भाग गए। इस आगजनी के कारण 15 घर पूरी तरह से जलकर खाक हो गए, और अब गांव में केवल चर्च ही बचा है।


फेमोल गांव की स्थिति

फेमोल गांव पहले से ही मैतेई और कुकी समुदायों के बीच हिंसा का शिकार रहा है। 3 मई 2023 को शुरू हुई हिंसा के बाद, यहां के निवासियों को विस्थापित होना पड़ा और वे आइशी गांव में सरकारी कैंप में शरण लेने के लिए मजबूर हुए। यह क्षेत्र हिंसा से प्रभावित स्थानों में गिना जाता है।


आग लगने की घटना

बुधवार को दोपहर लगभग 12:30 बजे आग लगने की घटना हुई। आग किसने लगाई, इसका पता नहीं चल सका है। देखते ही देखते 15 से अधिक घर जलकर राख हो गए। फेमोल गांव भारत-म्यांमार सीमा के निकट स्थित है, और यहां के निवासी पहले ही सुरक्षित स्थान पर चले गए हैं, जहां असम राइफल्स का कैंप भी है।


हंगामे का कारण

फेमोल गांव में आग लगने के बाद, स्थानीय लोगों ने पास के तांगखुल नगा गांव शांगखालोक में भी आग लगाने की कोशिश की। हालांकि, सुरक्षा बलों ने समय पर हस्तक्षेप कर बड़ी क्षति को रोक दिया। फिर भी, कुछ छोटे घर पूरी तरह जल गए और कई अन्य आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए।


तनाव की स्थिति

13 मई को हुए हमलों के बाद से दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया है। इन हमलों में तीन चर्च प्रशासन से जुड़े लोग और एक नगा आदिवासी की मौत हुई थी। नगा संगठनों ने 6 नगा नागरिकों की लाशें मिलने के बाद विरोध प्रदर्शन तेज कर दिए हैं। कुकी इनपी मणिपुर (KIM) ने फेमोल गांव में आगजनी की निंदा की है और आरोप लगाया है कि यह हमला तांगखुल नेतृत्व वाले नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड (इसाक-मुइवाह) और म्यांमार से सक्रिय शन्नी नेशनलिटीज आर्मी (SNA) द्वारा किया गया है।


आगे की स्थिति

नगा समुदाय के लोग भी कुकी विद्रोहियों पर नगा गांवों पर हमले का आरोप लगा रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है, और स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है।