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मणिपुर में असम राइफल्स कैंप पर भीड़ का हमला, तीन वाहन जलाए गए

मणिपुर के सेनापति जिले में असम राइफल्स के एक कैंप पर मंगलवार रात को एक हिंसक भीड़ ने हमला किया। इस हमले में तीन सुरक्षा वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। यह घटना उस समय हुई जब असम राइफल्स ने एक तलाशी अभियान चलाया था। स्थानीय लोगों ने अभियान को रोकने का प्रयास किया, जिससे तनाव बढ़ गया। पुलिस और सीआरपीएफ ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की। जानें इस घटना के सभी पहलुओं के बारे में।
 

मणिपुर में हिंसा की घटना


मणिपुर में हिंसा: मणिपुर के सेनापति जिले में मंगलवार रात को असम राइफल्स के एक कैंप पर एक हिंसक भीड़ ने हमला किया। इस दौरान भीड़ ने कैंप पर पथराव किया, तोड़फोड़ की और सुरक्षा बलों के तीन वाहनों को आग लगा दी। यह घटना उस समय हुई जब असम राइफल्स ने विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर एक तलाशी अभियान चलाया था। रक्षा जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार, असम राइफल्स को सूचना मिली थी कि माकुइलोंगदी क्षेत्र में हथियारबंद उग्रवादी मौजूद हैं। यह स्थान एनएससीएन (IM) के ओकलोंग स्थित कैंप से लगभग दो किलोमीटर पश्चिम में है। इसी सूचना के आधार पर गश्त और तलाशी अभियान शुरू किया गया।


#Breaking : Violence Erupts in Senapati, Manipur After Ukhrul Ambush Arrests

Three suspects linked to the July 6 ambush on an Assam Rifles convoy in Ukhrul, which killed Warrant Officer Balwant Singh and Havildar CM Singh, were arrested on July 14. In response, Tangkhul-led… pic.twitter.com/FurilNq7nM

— Thepagetoday (@thepagetody) July 15, 2026



संघर्षविराम नियमों का उल्लंघन


अधिकारियों ने बताया कि खुफिया रिपोर्ट और सोशल मीडिया पर पोस्ट से पता चला कि कुछ हथियारबंद उग्रवादी निर्धारित कैंपों से बाहर घूम रहे थे, जो संघर्षविराम के नियमों का उल्लंघन है। इस संबंध में सीजफायर मॉनिटरिंग ग्रुप को औपचारिक जानकारी दी गई थी।


ग्रामीणों ने रोका तलाशी अभियान


जब असम राइफल्स की टीम माकुइलोंगदी और ओकलोंग गांवों की ओर बढ़ी, तो स्थानीय लोगों, जिनमें कई महिलाएं भी शामिल थीं, ने जवानों को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया, जिससे तनाव बढ़ गया।


रात में कैंप पर हमला


अधिकारियों के अनुसार, रात करीब नौ बजे सूचना मिली कि सेनापति शहर में बड़ी संख्या में लोग असम राइफल्स कैंप की ओर बढ़ रहे हैं। इसके बाद सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान को रोक दिया। फिर भी, रात करीब 9:30 बजे बड़ी भीड़ कैंप तक पहुंच गई और पथराव शुरू कर दिया। भीड़ ने कैंप की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के साथ आगजनी की भी कोशिश की।


तीन वाहन क्षतिग्रस्त, एक नागरिक की कार भी जली


हिंसा के दौरान असम राइफल्स के एक हल्के वाहन को आग लगा दी गई, जबकि दो ट्रकों को पलटकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इस दौरान एक नागरिक की कार भी आग की चपेट में आ गई।


पुलिस और सीआरपीएफ ने संभाला मोर्चा


स्थिति बिगड़ने पर असम राइफल्स ने मणिपुर पुलिस के साथ मिलकर भीड़ को तितर-बितर करने के लिए न्यूनतम बल का प्रयोग किया। इसके बाद सेनापति पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की अतिरिक्त टीमें मौके पर भेजी गईं, जिसके बाद हालात पर काबू पाया गया। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।