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मणिपुर में उखरुल में फिर से भड़की हिंसा, तीन की मौत

मणिपुर के उखरुल में हाल ही में हुई हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई है। कुकी और नगा समुदायों के बीच संघर्ष की यह घटना उस समय हुई जब लोग सो रहे थे। पुलिस ने घटनास्थल से दो शव बरामद किए हैं, जिनमें से दोनों ने छलावरण वाले कपड़े पहने हुए थे। इस घटना के बाद से क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। कुकी संगठनों ने नागा विद्रोहियों पर हमले का आरोप लगाया है, जबकि नागा संगठनों ने इन आरोपों को खारिज किया है।
 

मणिपुर में ताजा हिंसा की घटनाएं

पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में हाल ही में कुछ समय की शांति के बाद फिर से हिंसा की लहर देखने को मिली है। उखरूल जिले में हुई दो अलग-अलग फायरिंग की घटनाओं में तीन लोगों की जान चली गई। जानकारी के अनुसार, यह हिंसा कुकी और नगा समुदाय के बीच हुई है, जबकि राज्य में पहले से ही कुकी और मैतेई समुदायों के बीच जातीय संघर्ष चल रहा है।


घरों में आगजनी की घटनाएं

पुलिस के अनुसार, एक गांव में कई घरों को आग लगा दिया गया है। ताजा हिंसा कुकी और तांगखुल नागा जनजातियों के बीच हुई है। दोनों समुदायों के नागरिक संगठनों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं। सुरक्षा बलों ने मौके से दो शव बरामद किए हैं, जिनमें से दोनों ने छलावरण वाले कपड़े पहने हुए थे।


कुकी गांवों पर हमले की जानकारी

सूत्रों के अनुसार, कुकी नागरिक संगठनों ने आरोप लगाया है कि संदिग्ध नागा विद्रोहियों ने उखरुल के मुल्लम और शोंगफाल स्थित कुकी गांवों पर हमला किया। मारे गए दोनों लोग गांव के स्वयंसेवक थे और इस हमले में कई लोग, जिसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, घायल हुए हैं।


हमला उस समय हुआ जब लोग सो रहे थे

कुकी ऑर्गनाइज़ेशन फॉर ह्यूमन राइट्स ट्रस्ट (KOHUR) ने बताया कि यह हमला सुबह के समय हुआ जब गांव वाले सो रहे थे। हमलावरों ने गोलीबारी की और कई घरों में आग लगा दी। KOHUR पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के खिलाफ 'टेप केस' की पैरवी कर रहा है।


नागा जनजाति के संगठनों का खंडन

नागा जनजाति के संगठनों ने इन आरोपों को दुर्भावनापूर्ण बताते हुए खारिज कर दिया है। ये आरोप उस समय सामने आए हैं जब उखरुल और अन्य स्थानों पर उनकी जनजाति के दो लोगों के लिए न्याय की मांग को लेकर शांतिपूर्ण कैंडललाइट मार्च निकाले गए थे।


मृतकों की पहचान

सूत्रों के अनुसार, मुल्लम गांव के पास सुरक्षा बलों ने शुक्रवार सुबह दो शव बरामद किए। मृतकों की पहचान एल सितलहौ और पी हाओलाई के रूप में हुई है। दोनों के शरीर पर गोलियों के निशान थे। तांगखुल नागा लोंग (टीएनएल) ने बताया कि उखरुल ज़िले के सिनाकेइथेई के पास एक गांव के स्वयंसेवक की हत्या कर दी गई।