मणिपुर में कुकी और मैतेई समुदाय के बीच बढ़ती हिंसा
मणिपुर में हिंसा की स्थिति
मणिपुर में कुकी और मैतेई समुदायों के बीच संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। कांगपोकपी जिला इस हिंसा का केंद्र बन गया है। सोमवार को यहां दो समूहों के बीच हुई गोलीबारी में तीन युवा घायल हो गए, जिनकी उम्र कम है। घायलों को इलाज के लिए इंफाल के क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में भर्ती कराया गया है। सभी घायल कुकी समुदाय के हैं।
घायलों का अस्पताल में इलाज
घायलों को सीआरपीएफ के जवानों ने भारी सुरक्षा के बीच अस्पताल पहुंचाया। घायलों में जेन्लेनमांग वैफेई (18), लुनलियंदाव वैफेई (20) और पाओगौ लाल (18) शामिल हैं। अस्पताल परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है।
गोलीबारी की घटना
मणिपुर के अधिकारियों के अनुसार, यह गोलीबारी सोमवार सुबह लगभग छह बजे लेइलोन वैप्हेई गांव के निकट हुई। इस दौरान दो आदिवासी समुदायों से जुड़े हथियारबंद व्यक्तियों ने कुकी बहुल क्षेत्र में एक-दूसरे पर गोलीबारी की।
हिंसा की आशंका
मणिपुर में स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि हिंसा की आशंका बढ़ गई है। लीलोन वैफेई गांव के तीनों घायल कुकी युवकों के लिए अस्पताल के बाहर सैकड़ों कुकी लोग इकट्ठा हो गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे। सुरक्षाबलों ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया।
नगा समुदाय के लोगों की हत्या
इससे पहले, 13 मई को मणिपुर में नगा समुदाय के छह लोगों का अपहरण हुआ था, जिनकी लाश बाद में मिली थी। नगा समुदाय ने कुकी समुदाय के 14 लोगों को 'मानवता के आधार' पर छोड़ दिया था। इन लोगों को छोड़ने के अगले दिन नगा समुदाय के छह लोगों की लाशें मिलीं।
कुकी समुदाय की चिंताएं
इस मामले पर ऑल नागा स्टूडेंट्स एसोसिएशन के टी.पी. डाइनिंग ने कहा कि रिम्स के बाहर हो रहे प्रदर्शन से वे हैरान हैं। उन्होंने कहा कि जब नगा समुदाय के छह बेगुनाहों की हत्या हुई, तब मणिपुर और भारत सरकार समय पर कार्रवाई नहीं कर पाई।
केंद्र सरकार से मांग
ऑल नागा स्टूडेंट्स एसोसिएशन मणिपुर (ANSAM) के सदस्य सोचुइंगम काशुंग ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि कुकी लोगों और राज्य पुलिस के बीच क्या छिपा हुआ एजेंडा है। उन्होंने मांग की कि केंद्र और राज्य सरकार के उप मुख्यमंत्री को तुरंत हटाया जाए।