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मणिपुर में हिंसा की घटनाएं: दो की मौत, तनाव बढ़ा

मणिपुर के तामेंगलोंग जिले में हाल ही में हुई दो हिंसक घटनाओं ने क्षेत्र में तनाव को बढ़ा दिया है। पहली घटना में एक महिला की मौत हो गई, जबकि उसके पति और बेटे को गोली लगी। दूसरी गोलीबारी में दो और लोगों की जान गई। स्थानीय संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। यह घटनाएं उस दिन हुईं जब कुकी समुदाय 'ब्लैक डे' मनाता है, जो 1990 के दशक के संघर्ष की याद में है।
 

मणिपुर में तामेंगलोंग जिले में हिंसा


नई दिल्ली: मणिपुर के तामेंगलोंग जिले में रविवार को दो अलग-अलग हिंसक घटनाओं ने क्षेत्र में तनाव को बढ़ा दिया है। कैमाई थाना क्षेत्र के टोलन गांव में सुबह एक हमले में एक महिला की मौत हो गई, जबकि उसके पति और छह साल के बेटे को गोली लगी। पति ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसके बाद, नुंगबा थाना क्षेत्र के लोंगपी गांव में भी गोलीबारी की घटना हुई, जिसमें दो लोगों की मौत की सूचना है।


पहली घटना का विवरण

पहली घटना सुबह लगभग 5:30 बजे कैमाई थाना क्षेत्र के टोलन गांव में हुई। पुलिस के अनुसार, 46 वर्षीय लिंगजंगाई सिंगसिट की मौके पर ही मौत हो गई। उनके पति सेनेह सिंगसिट और छह वर्षीय बेटे को भी गोली लगी। घायलों को सिलचर मेडिकल कॉलेज ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में सेनेह की मौत हो गई। बच्चे की स्थिति गंभीर बताई गई है और उसका इलाज जारी है।


दूसरी गोलीबारी की घटना

कुछ घंटे बाद लोंगपी में गोलीबारी


पहली घटना के कुछ घंटे बाद, दोपहर लगभग 3 बजे नुंगबा थाना क्षेत्र के लोंगपी गांव में दूसरी गोलीबारी हुई। पुलिस ने इस घटना की पुष्टि की है। अधिकारियों के अनुसार, यह गांव थाने से लगभग 30 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है और खराब सड़क के कारण पुलिस मौके पर नहीं पहुंच सकी। पुलिस सोमवार सुबह घटनास्थल का निरीक्षण करेगी। अब तक किसी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।


उग्रवादी गुटों पर आरोप

WVV ने लगाया उग्रवादी गुटों पर आरोप


वेस्टर्न विलेज वॉलंटियर नामक कुकी समूह ने दावा किया है कि लोंगपी में मारे गए लोगों की पहचान जिली सिंगसन और रियोल गंगटे के रूप में हुई है। संगठन ने आरोप लगाया कि हमले में NSCN-IM और ZUF-K से जुड़े लोग शामिल थे। WVV के अनुसार, पीड़ित जरूरी काम से जा रहे थे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस की जांच जारी है।


निष्पक्ष जांच की मांग

गांव के संगठनों ने की निष्पक्ष जांच की मांग


कैमाई विलेज अथॉरिटी ने हमले की निंदा करते हुए दोषियों की पहचान और कार्रवाई के लिए निष्पक्ष जांच की मांग की है। गांव के लोगों से अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की गई है। KYO विमेंस काउंसिल ने भी घटना की निंदा करते हुए सबूतों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की मांग की है।


कुकी समुदाय का 'ब्लैक डे'

13 सितंबर को मनाया जाता है 'ब्लैक डे'


यह घटना उस दिन हुई जब कुकी समुदाय 1990 के दशक के नागा-कुकी संघर्ष में मारे गए और प्रभावित लोगों की याद में 13 सितंबर को 'ब्लैक डे' के रूप में मनाता है। बताया जाता है कि उस संघर्ष में 1,000 से अधिक लोगों की जान गई थी। ताजा हिंसा के बाद दोनों समुदायों के बीच तनाव बढ़ाने वाली अफवाहों से बचने की अपील की गई है।