मणिपुर में हिंसा की घटनाएं बढ़ीं, पांच लोगों की मौत
मणिपुर में बढ़ती हिंसा
इम्फाल में मणिपुर की स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है, जहां हिंसा और हत्याएं आम बात बन गई हैं। हाल ही में कामजोंग और उखरुल में हथियारबंद समूहों के बीच हुई झड़प में एक महिला समेत पांच लोगों की जान चली गई। इसके अलावा, एक पुलिस थाने को भी आग के हवाले कर दिया गया। पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता एन बीरेन सिंह ने बताया कि मृतकों की संख्या सात हो सकती है।
जानकारी के अनुसार, नगा बहुल कामजोंग के कुकी बहुल चसाड गांव में 22 वर्षीय युवक और 42 वर्षीय महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। महिला की हत्या के बाद से कुकी और नगा समूहों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई, जो शनिवार सुबह तक जारी रही। इस दौरान कई घरों में आग भी लगाई गई। फरवरी से मणिपुर में शुरू हुई हिंसा में अब तक लगभग 40 लोगों की जान जा चुकी है। यह हिंसा उखरुल, कामजोंग, कांगपोकपी, तामेंगलोंग, नोनी और सेनापति के कुछ क्षेत्रों में फैली हुई है।
एक अन्य घटना में, कामजोंग में म्यांमार सीमा के निकट स्थित तांगखुल नगा बस्ती में संदिग्ध उग्रवादियों ने घुसपैठ की और गोलीबारी की। इस हमले में दो लोगों की मौत हो गई, जिनकी पहचान नगाचांसो निंगशेन और लेशिशान लेशडांग के रूप में हुई है। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने गांव में पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। ग्रामीणों का कहना है कि हमलावर म्यांमार की ओर भाग गए।