मथुरा जंक्शन: भारत के रेलवे नेटवर्क का दिल
भारत का विशाल रेलवे नेटवर्क
नई दिल्ली: भारत का रेलवे नेटवर्क विश्व के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में से एक है। देशभर में लगभग 8500 से अधिक रेलवे स्टेशन हैं, लेकिन इनमें से एक स्टेशन ऐसा है जो पूरे देश को जोड़ने वाला केंद्र माना जाता है। इस स्टेशन का नाम मथुरा जंक्शन है, जिसे भारतीय रेल का दिल भी कहा जाता है।
मथुरा जंक्शन की ट्रेन सेवाएं
मथुरा जंक्शन से देश के हर कोने के लिए ट्रेनें उपलब्ध हैं। उत्तर भारत, दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर, पश्चिमी भारत और मध्य भारत के लिए यहां से सीधी या कनेक्टिंग ट्रेनें मिलती हैं। यही कारण है कि इसे भारत का सबसे अनोखा और व्यस्त रेलवे स्टेशन माना जाता है।
रणनीतिक महत्व
क्या है इसका रणनीतिक महत्व?
मथुरा जंक्शन उत्तर मध्य रेलवे के अंतर्गत आता है और इसका रणनीतिक महत्व अत्यधिक है। यह स्टेशन दिल्ली, मुंबई, हावड़ा और चेन्नई जैसे प्रमुख रेल मार्गों से जुड़ा हुआ है। कश्मीर से कन्याकुमारी तक जाने वाली कई प्रमुख ट्रेनें मथुरा होकर गुजरती हैं। यहां से राजधानी एक्सप्रेस, शताब्दी, सुपरफास्ट और मेल एक्सप्रेस ट्रेनें नियमित रूप से चलती हैं।
मथुरा जंक्शन पर 24 घंटे ट्रेनों की आवाजाही बनी रहती है। सुबह से लेकर देर रात तक प्लेटफॉर्म यात्रियों से भरे रहते हैं। धार्मिक नगरी मथुरा होने के कारण यहां श्रद्धालुओं की संख्या भी हमेशा अधिक रहती है। वृंदावन, गोवर्धन और ब्रज क्षेत्र जाने वाले यात्री भी इसी स्टेशन का उपयोग करते हैं।
इतिहास और विकास
पहली बार यहां से कब चलाई गई थी ट्रेन?
इतिहास के अनुसार, मथुरा जंक्शन से पहली ट्रेन वर्ष 1875 में चलाई गई थी। तब से लेकर अब तक यह स्टेशन लगातार विकसित होता रहा है। समय के साथ यहां प्लेटफॉर्म, यात्री सुविधाएं और ट्रेनों की संख्या में वृद्धि हुई है। आज मथुरा जंक्शन सैकड़ों ट्रेनों और लाखों यात्रियों को संभालने की क्षमता रखता है।
मथुरा जंक्शन केवल एक रेलवे स्टेशन नहीं है, बल्कि यह पूरे देश को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी है। यह स्टेशन भारतीय रेलवे की ताकत और विशालता को दर्शाता है। यही कारण है कि इसे भारत का अकेला ऐसा स्टेशन माना जाता है, जहां से पूरे देश के लिए ट्रेन मिल जाती है।