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मथुरा में श्रद्धालुओं की नाव पलटी, जगराओं के परिवार के सात सदस्य शामिल

मथुरा में एक दुखद घटना में श्रद्धालुओं की नाव पलट गई, जिसमें 10 लोगों की जान चली गई। इस हादसे में जगराओं के एक परिवार के सात सदस्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया है। जानें इस घटना के पीछे की वजह और श्रद्धालुओं के अनुभव।
 

दर्दनाक हादसा श्रद्धालुओं के साथ


शुक्रवार सुबह जगराओं से वृंदावन यात्रा पर गए श्रद्धालुओं का हुआ हादसा


पंजाब के श्रद्धालुओं के लिए एक धार्मिक यात्रा के दौरान एक दुखद घटना घटी, जब उनकी नाव मथुरा के पास पलट गई। इस हादसे में 10 श्रद्धालुओं की जान चली गई, जिससे लुधियाना और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। अधिकांश श्रद्धालु इसी क्षेत्र से थे।


मृतकों में से सात लोग एक ही परिवार के थे। पुलिस के अनुसार, मृतकों में जगराओं के मधुर बहल, उनकी माता कविता बहल, चाचा चरणजीत, उनकी पत्नी पिंकी बहल, मधुर की बुआ आशा रानी, दूसरी बुआ अंजू गुलाटी और फूफा राकेश गुलाटी शामिल हैं।


वृंदावन यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं की संख्या

जानकारी के अनुसार, गुरुवार (9 अप्रैल) को जगराओं के श्री बांके बिहारी क्लब द्वारा 130 श्रद्धालुओं को दो बसों में वृंदावन भेजा गया था। इनमें से 90 श्रद्धालु जगराओं से थे, जबकि बाकी अन्य शहरों से आए थे। यात्रा चार दिन की थी और शुक्रवार को श्री बांके बिहारी के दर्शन के बाद श्रद्धालु यमुना पार कर मंदिरों के दर्शन के लिए जा रहे थे। नाव में 30 श्रद्धालु सवार थे।


हादसे का कारण

स्थानीय लोगों के अनुसार, यमुना में पीपों का पुल बनाया गया था, जिसे जलस्तर बढ़ने पर खोल दिया गया। ये पीपे नाव के रास्ते में आ गए, जिससे नाव पलट गई। बताया गया है कि नाव में सवार श्रद्धालुओं ने सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया और किसी ने भी लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी।


एक श्रद्धालु का बयान

हादसे में शामिल नाव में जगराओं के तनिष जैन भी थे। उन्होंने बताया कि दो बसों से करीब 130 लोग वृंदावन आए थे और सभी फोगला आश्रम के पास रुके थे। उन्होंने कहा कि जब उनकी नाव पीपा पुल के पास पहुंची, तो उन्होंने नाविक से रोकने के लिए कहा, लेकिन उसने नहीं सुना। दो बार नाव टकराने से बच गई, लेकिन तीसरी बार टक्कर हो गई। पास में कुछ गोताखोर थे, जिन्होंने उनकी मदद की।


मुख्यमंत्री का शोक

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह घटना एक आध्यात्मिक यात्रा को त्रासदी में बदल देती है, जिसने कई परिवारों को प्रभावित किया है। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के साथ संपर्क बनाए रखने की बात कही।