मद्रास हाईकोर्ट ने कहा: उदयनिधि स्टालिन का बयान हेट स्पीच की श्रेणी में आता है
उदयनिधि स्टालिन का विवादास्पद बयान
तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म के खिलाफ दिए गए बयान को मद्रास हाईकोर्ट ने हेट स्पीच माना है। यह टिप्पणी स्टालिन के तीन साल पुराने बयान पर की गई, जिसमें उन्होंने सनातन धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया से करते हुए इसे समाप्त करने की बात कही थी। इस बयान के बाद काफी विवाद उत्पन्न हुआ था। भाजपा के आईटी प्रमुख अमित मालवीय ने स्टालिन के बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया और सवाल उठाया कि क्या यह बयान देश के 80% सनातन धर्म मानने वालों के खिलाफ नहीं है।
भाजपा नेता के खिलाफ एफआईआर रद्द
मालवीय ने इस एफआईआर के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की। मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने तीन साल बाद एफआईआर को रद्द कर दिया। जस्टिस एस श्रीमथी ने कहा कि मालवीय ने केवल स्टालिन के बयान पर प्रतिक्रिया दी थी, और ऐसी प्रतिक्रिया पर केस चलाना कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा।
हाईकोर्ट की टिप्पणी
हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि यह दुखद है कि हेट स्पीच देने वाले पर कोई कार्रवाई नहीं होती, जबकि प्रतिक्रिया देने वाले पर एफआईआर दर्ज की जाती है। वर्तमान में, हेट स्पीच करने वाले बच जाते हैं, जबकि सवाल उठाने वालों को कानून का सामना करना पड़ता है।
स्टालिन का बयान गंभीर संकेत देता है
स्टालिन के शब्दों का अर्थ केवल विरोध नहीं है, बल्कि यह उन लोगों के अस्तित्व पर सवाल उठाने जैसा है जो सनातन धर्म का पालन करते हैं। यह बयान नरसंहार या सांस्कृतिक नरसंहार का संकेत देता है। तमिल शब्द 'Sanathana Ozhippu' का अर्थ केवल विरोध नहीं, बल्कि पूरी तरह से समाप्त करना है।
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