मध्य पूर्व तनाव से वैश्विक ईंधन कीमतों में भारी वृद्धि
वैश्विक ईंधन कीमतों में वृद्धि
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का प्रभाव पूरी दुनिया में महसूस किया जा रहा है, जिसके चलते अमेरिका और खाड़ी देशों, जैसे कि यूएई में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 72 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है।
अमेरिका में गैसोलीन की कीमतें 4 डॉलर प्रति गैलन (भारतीय मुद्रा में लगभग 380 रुपए) से अधिक हो गई हैं। यह पिछले तीन वर्षों में पहली बार है जब गैसोलीन की कीमतें इस स्तर पर पहुंची हैं।
अमेरिकी मीडिया के अनुसार, देशभर में गैसोलीन की औसत कीमत 4.018 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के बाद से गैसोलीन की कीमतों में 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है।
डीजल की कीमतों में भी वृद्धि देखी गई है, जो अब 5 डॉलर प्रति गैलन (लगभग 475 रुपए) के पार जा चुकी है। मध्य पूर्व में तनाव के शुरू होने के बाद से डीजल की कीमतों में 40 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है।
यूएई में ईंधन की कीमतों में वृद्धि
खाड़ी देशों में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि हो रही है। यूएई की फ्यूल प्राइस कमेटी ने एक अप्रैल से नई कीमतों की घोषणा की है।
नई दरों के अनुसार, सुपर 98 पेट्रोल की कीमत लगभग 30 प्रतिशत बढ़कर 3.39 दिरहम प्रति लीटर (भारतीय मुद्रा में लगभग 87 रुपए) हो गई है, जो पहले 2.59 दिरहम प्रति लीटर थी।
स्पेशल 95 पेट्रोल की कीमत में लगभग 32 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो अब 3.28 दिरहम प्रति लीटर है, जबकि पहले यह 2.48 दिरहम प्रति लीटर थी।
यूएई में डीजल की कीमतों में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है, जो 72 प्रतिशत बढ़कर 4.69 दिरहम प्रति लीटर (लगभग 120 रुपए प्रति लीटर) पर पहुंच गई है, जो पहले 2.72 दिरहम प्रति लीटर थी।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भी भारी वृद्धि देखी गई है। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत एक महीने में 48 प्रतिशत बढ़कर 107.28 डॉलर प्रति बैरल हो गई है।