मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच देशों ने दूतावास खाली करने के निर्देश दिए
मध्य पूर्व में युद्ध की आशंका
नई दिल्ली: मध्य पूर्व एक बार फिर युद्ध की स्थिति में पहुंचता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही परमाणु वार्ता पर अपनी निराशा व्यक्त की है। टेक्सास में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती और वार्ता सही दिशा में नहीं बढ़ रही है। इस बीच, अमेरिका, ब्रिटेन, चीन और भारत जैसे देशों ने अपने दूतावासों और नागरिकों को क्षेत्र छोड़ने के लिए निर्देश दिए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इजरायल में अमेरिकी दूतावास ने गैर-जरूरी कर्मचारियों को तुरंत निकलने का आदेश दिया है।
ट्रंप का सख्त रुख और वार्ता की स्थिति
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वे वार्ता से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने ईरान को चेतावनी दी कि उसे परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जिनेवा में हाल ही में हुई अमेरिका-ईरान वार्ता के बाद अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल निराश लौट आया, जबकि ओमान के विदेश मंत्री ने प्रगति की बात की। अगली वार्ता वियना में होने की संभावना है। ट्रंप ने कहा कि ईरान को समझौता करना चाहिए, अन्यथा उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
दूतावास खाली करने की प्रक्रिया
कई देशों ने खतरे को भांपते हुए त्वरित कदम उठाए हैं। अमेरिका ने यरूशलेम में अपने दूतावास के गैर-आपातकालीन कर्मचारियों को इजरायल छोड़ने की अनुमति दी है। ब्रिटेन ने ईरान से अपने राजनयिकों को अस्थायी रूप से वापस बुला लिया है। भारत के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया, पोलैंड, फिनलैंड और सिंगापुर ने भी अपने नागरिकों को मध्य पूर्व के संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने या लौटने की सलाह दी है। ये कदम ईरान के संभावित जवाबी हमले की आशंका से जुड़े हैं।
अमेरिकी सैन्य तैयारी में तेजी
कूटनीति के दावों के बीच अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य शक्ति को बढ़ा दिया है। दूसरा विमानवाहक पोत यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड इजरायली जलक्षेत्र में पहुंच चुका है। इससे पहले कई लड़ाकू विमान और अन्य सैन्य संसाधन भेजे जा चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तैयारी किसी बड़े हमले की ओर इशारा कर रही है, हालांकि ट्रंप ने अंतिम निर्णय अभी नहीं बताया है।
इजरायल और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
संभावित संघर्ष की आशंका से इजरायल में उड़ानें रद्द हो रही हैं। तेल अवीव के लिए कई एयरलाइंस ने अपनी सेवाएं निलंबित कर दी हैं। इजरायली मुद्रा शेकेल में भारी गिरावट आई है। अमेरिकी दूतावास ने यरूशलेम के पुराने शहर और वेस्ट बैंक में यात्रा पर पाबंदी लगा दी है। क्षेत्रीय अस्थिरता से वैश्विक बाजार भी प्रभावित हो रहे हैं।
तेल बाजार और वैश्विक व्यापार पर असर
तेल की कीमतें 3.2 फीसदी बढ़कर 73 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई हैं, जो कई महीनों की ऊंचाई है। लाल सागर में हूती विद्रोहियों की धमकी के कारण मॉलर-मर्स्क और हापाग-लॉयड जैसी कंपनियां जहाजों का रूट बदल रही हैं। अब स्वेज नहर की बजाय अफ्रीका के दक्षिणी रास्ते से जाना पड़ रहा है, जिससे लागत और समय बढ़ रहा है। ट्रंप ने कहा कि जान-माल की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है।