मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव पर भारत की चुप्पी पर सवाल उठाते अखिलेश यादव
मध्य पूर्व में तनाव की स्थिति
मध्य पूर्व में तनाव: अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए घातक हमले के बाद, क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई सहित 200 से अधिक नागरिकों की जान गई है। ईरान ने खामेनेई की मौत का प्रतिशोध लेने की घोषणा की है। हालांकि, भारत सरकार ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, जिस पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं।
अखिलेश यादव ने रविवार को एक पोस्ट में लिखा, 'किसी देश के विशेष और सामान्य नागरिकों पर हो रहे जानलेवा हमलों और युद्ध की स्थिति में, हमारी सरकार को इस अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। उन्हें बताना चाहिए कि क्या वे युद्ध के पक्ष में हैं या शांति के। युद्ध को रोकने और शांति बहाल करने के लिए एक तटस्थ देश के रूप में क्या कूटनीतिक प्रयास किए जा रहे हैं। हमारी सरकार को युद्ध में मारे गए लोगों से जुड़ी खबरों की पुष्टि करनी चाहिए और सच्चाई को जनता के सामने लाना चाहिए। युद्धकालीन समाचार अक्सर रणनीति का हिस्सा होते हैं, इसलिए उनकी पुष्टि आवश्यक है। इंसानियत का मारा जाना बेहद दुखद है। हर देश को जिम्मेदाराना व्यवहार करना चाहिए।'
आप नेता संजय सिंह ने भी इस पर टिप्पणी करते हुए लिखा, 'खामेनेई का निधन एक युग का अंत है। भारत ने अपना एक सच्चा मित्र खो दिया है। खामेनेई जी को श्रद्धांजलि। ईरान हमेशा भारत का पारंपरिक मित्र रहा है, जिसने पाकिस्तान के खिलाफ हमारा समर्थन किया है। आज ईरान संकट में है, भारत को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। अमेरिका की तानाशाही को रोकना होगा। मोदी जी, आप विश्वगुरु नहीं, बल्कि गुरुघंटाल हो।'