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मध्य पूर्व में युद्ध: ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमले का प्रभाव

अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद मध्य पूर्व में युद्ध की स्थिति गंभीर हो गई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान की सैन्य कमान समाप्त हो गई है और कई लोग आत्मसमर्पण करना चाहते हैं। इस लेख में हम इस संकट के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेंगे, जिसमें ट्रंप के बयान और अमेरिकी सैन्य बलों की स्थिति शामिल है।
 

ईरान पर हमले का असर

यूएस-इजरायली हमले का प्रभाव: अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के कारण मध्य पूर्व में स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। ईरान, इराकी मिलिशिया और हिज्बुल्ला के सहयोग से इजरायल और खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह दावा किया है कि ईरान की पूरी सैन्य कमान को समाप्त कर दिया गया है और कई लोग अपनी जान बचाने के लिए आत्मसमर्पण करना चाहते हैं।

ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'हमने ईरान में सैकड़ों लक्ष्यों पर हमला किया है, जिसमें रिवोल्यूशनरी गार्ड की सुविधाएं और ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम शामिल हैं। हाल ही में, हमने कुछ ही मिनटों में नौ जहाजों और उनकी नौसैनिक निर्माण को नष्ट कर दिया। ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई का निधन हो चुका है... पूरी सैन्य कमान समाप्त हो गई है और उनमें से कई अपनी जान बचाने के लिए आत्मसमर्पण करना चाहते हैं। वे सुरक्षा की मांग कर रहे हैं और हजारों की संख्या में कॉल कर रहे हैं।'

ट्रंप ने आगे कहा, 'आज सुबह, CENTCOM ने यह जानकारी साझा की कि कार्रवाई में तीन अमेरिकी सैन्य सदस्य मारे गए हैं। एक राष्ट्र के रूप में, हम उन सच्चे अमेरिकी देशभक्तों के लिए शोक व्यक्त करते हैं, जिन्होंने हमारे देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है... हम शहीदों के परिवारों के प्रति अपना गहरा प्यार और आभार व्यक्त करते हैं, और यह दुखद है कि शायद और भी लोग मारे जाएंगे।'