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मध्य प्रदेश में जमीन खरीद मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव पर उठे सवाल

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर भूमि खरीद के आरोपों के चलते राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विपक्षी नेता उन पर घेराबंदी कर रहे हैं, जबकि समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने उन्हें बचाने की कोशिश की है। ओम प्रकाश राजभर ने इस मामले में अखिलेश यादव को आड़े हाथों लिया है, आरोप लगाते हुए कि उनके करीबी लोग भी इसमें शामिल हैं। इस विवाद में चंद्रपाल यादव और IAS भरत यादव का नाम भी सामने आया है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और इसके पीछे की राजनीति।
 

मुख्यमंत्री मोहन यादव पर आरोप

मध्य प्रदेश में भूमि खरीद के मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने और उनके परिवार ने बड़े पैमाने पर जमीनें खरीदी हैं। इस मुद्दे पर विपक्ष के नेता मोहन यादव को घेरने में जुटे हैं, जबकि समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा है कि उन्हें हटाने की साजिश की जा रही है। इस पर ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को निशाने पर लिया है।


ओम प्रकाश राजभर का बयान

ओम प्रकाश राजभर ने ट्वीट किया कि अखिलेश यादव की चिंता का कारण यह है कि भरत यादव ने उनसे और उनके सहयोगियों से जमीनों में निवेश कराया है, क्योंकि वही यह तय करते हैं कि हाइवे का मार्ग क्या होगा। उन्होंने यह भी कहा कि सैफई परिवार ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे में भी इसी तरह से बदलाव किए थे, जिससे एक्सप्रेसवे की लंबाई 30 किलोमीटर बढ़ गई थी। राजभर ने जांच एजेंसियों से यह पता लगाने की मांग की है कि मध्य प्रदेश में उत्तर प्रदेश के कौन से प्रभावशाली निवेशक शामिल हैं।


अखिलेश यादव का बचाव

इससे पहले, मंगलवार को जब एक समाचार पत्र की खोजी रिपोर्ट पर हंगामा हुआ, तो अखिलेश यादव से इस बारे में सवाल किया गया। उन्होंने कहा, 'मोहन यादव जी को बदनाम करने के लिए बीजेपी ने साजिश की है। अगर उन पर आरोप हैं, तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी तो 300-600 एकड़ जमीन ली है। यह कोई नई बात नहीं है। वह पहले से रियल एस्टेट का काम कर रहे थे। क्या बीजेपी को यह नहीं पता?'


चंद्रपाल सिंह यादव का परिचय

चंद्रपाल सिंह यादव, जो झांसी के निवासी हैं, वर्तमान में समाजवादी पार्टी के कोषाध्यक्ष रह चुके हैं। वह कृषक भारती कोऑपरेटिव लिमिटेड (KRIBHCO) के उपाध्यक्ष भी हैं और NAFED तथा IFFCO में निदेशक रह चुके हैं। 2004 से 2009 तक वह झांसी लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद रहे।


IAS भरत यादव का करियर

भरत यादव, जो 20 जून 1981 को जन्मे, 2009 में IAS अधिकारी बने। उन्होंने ग्वालियर यूनिवर्सिटी से इंग्लिश लिटरेचर में बीए और जीवाजी यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस में एमए किया। उनका प्रशासनिक करियर 1 सितंबर 2008 को शुरू हुआ। उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया, जैसे कि होशंगाबाद में असिस्टेंट कलेक्टर और सिवनी के कलेक्टर। वर्तमान में, वह एमपी रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक हैं।