मध्य प्रदेश में जहरीली शराब से 22 मौतें, बंडा क्षेत्र में हालात गंभीर
सागर में जहरीली शराब से मौतों का बढ़ता आंकड़ा
सागर: मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब के कारण मरने वालों की संख्या 22 तक पहुंच गई है। बंडा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में एक साथ हुई मौतों ने स्थिति को गंभीर बना दिया है। कई घरों में चूल्हे नहीं जल रहे हैं और एक ही परिवार से कई अर्थियां उठी हैं। वहीं, बंडा अस्पताल में मरीजों की संख्या इतनी बढ़ गई है कि बेड की कमी हो गई है।
अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या
शनिवार से लोगों की तबीयत बिगड़ने का सिलसिला शुरू हुआ, जिसके बाद बड़ी संख्या में मरीजों को अस्पताल लाया गया। रविवार को बंडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 100 से अधिक मरीज भर्ती हुए। गंभीर मामलों को सागर के बीएमसी भेजा गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच गई है। सीएमएचओ डॉ. देवेश पटैरिया के नेतृत्व में गांवों में शिविर लगाए गए और घर-घर जाकर बीमार लोगों की जानकारी जुटाई गई।
अस्पताल में बेड की कमी
अस्पताल में जगह कम पड़ी, एक बेड पर दो मरीज
बंडा सीएचसी में केवल 30 बेड हैं, जिसके कारण कई मरीजों को एक ही बेड पर रखना पड़ा। बीएमसी से अतिरिक्त डॉक्टर बुलाने पड़े। अस्पताल की मर्चुरी में शवों को रखने की जगह भी कम पड़ गई, जिससे पोस्टमॉर्टम में देरी हुई। परिजनों के अनुसार, शनिवार शाम को हुई मौतों के बाद भी कुछ शवों का पोस्टमॉर्टम अगले दिन दोपहर तक नहीं हो सका।
गांवों में शोक का माहौल
गांवों में पसरा सन्नाटा, एक साथ उठीं कई अर्थियां
गूगरा खुर्द, बमूरा और नौराज जैसे गांवों में मातम छाया हुआ है। कुछ स्थानों पर एक ही गांव से कई शव अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे। स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध शराब का कारोबार लंबे समय से चल रहा था, लेकिन दबंग शराब कारोबारियों के डर से कोई खुलकर विरोध नहीं कर पाता था।
भाजपा नेता पर आरोप
भाजपा नेता पर शराब सप्लाई का आरोप
जांच के दौरान भाजपा नेता और तितरवारा के सरपंच चंदू सिंह राजपूत का नाम भी सामने आया है। मृतकों के गांवों के कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि ठेकेदारों की गाड़ियां रात में गांवों में शराब की सप्लाई करती थीं। इन आरोपों की जांच की जा रही है। रविवार शाम प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ल सागर पहुंचे और अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्रवाई की जानकारी ली।
परिवारों पर दुखों का पहाड़
घर का इकलौता कमाने वाला भी चला गया
इस घटना में पाटन निवासी रोशन सिंह लोधी की भी मौत हुई, जो परिवार में अकेले कमाने वाले थे। उनके परिवार में पत्नी, दो बच्चे और नानी की जिम्मेदारी थी। परिजनों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की है।
अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अभी भी 112 लोग शराब पीने के कारण अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें 89 लोग सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में, 16 लोग जिला अस्पताल में और 7 लोग बंडा सिविल अस्पताल में हैं। प्रशासन अब शराब की सप्लाई, मौतों की वजह और पूरे नेटवर्क की जांच कर रहा है।