मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द: भाजपा की अंदरूनी राजनीति का पर्दाफाश
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द
मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर भाजपा और उसके समर्थकों ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के भीतर ही किसी ने भितरघात किया। हालांकि, यह आरोप पूरी तरह से निराधार प्रतीत होता है। संभव है कि किसी कांग्रेस नेता ने मीनाक्षी के खिलाफ कोर्ट में की गई शिकायत की जानकारी दी हो, लेकिन यह मामला इतना गंभीर नहीं था कि नामांकन रद्द किया जा सके। इस प्रकार, कांग्रेस के भीतर भितरघात का आरोप लगाकर चुनाव अधिकारी के नियमों का उल्लंघन छिपाने का प्रयास किया गया। अब कांग्रेस के नेता यह सवाल उठा रहे हैं कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ भितरघात करने वाला कौन है? असल में, मोहन यादव और उनके परिवार की सैकड़ों एकड़ जमीन के मामले में भाजपा की आंतरिक राजनीति की गंध आ रही है।
अखिलेश यादव का बयान
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने भाजपा के इरादों की ओर इशारा करते हुए कहा कि भाजपा मध्य प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों को हटाना चाहती है, ताकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी हटाया जा सके। उनके अनुसार, यही कारण है कि मोहन यादव के खिलाफ मामले सामने आए हैं। यह दिलचस्प है कि यह मामला एक ऐसे समाचार पत्र में प्रकाशित हुआ, जो आमतौर पर भाजपा के पक्ष में रहता है। भाजपा के एक पूर्व मुख्यमंत्री और इंदौर के एक विधायक के बारे में कहा जा रहा है कि उन्होंने इस मामले की पूरी जानकारी दी। हालांकि, यह जानकारी कई पत्रकारों के पास पहले से मौजूद थी। असली सवाल यह है कि यह सब किसके इशारे पर हुआ और इसका अंत क्या होगा? यदि मोहन यादव को हटाया गया, तो भाजपा के इस सिद्धांत का क्या होगा कि यहां इस्तीफे नहीं होते?