मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने दूषित पानी के मामले में कड़ी कार्रवाई की
इंदौर में दूषित पानी से मौतों का मामला
नई दिल्ली। इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल के सेवन से हुई मौतों और बीमारियों के गंभीर मामले पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने सख्त रुख अपनाया है। जस्टिस द्वारकाधीश बंसल और जस्टिस राजेंद्र कुमार वाणी की खंडपीठ ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह एक गंभीर लापरवाही है और लोग पानी के कारण अपनी जान गंवा रहे हैं, जो पूरी तरह से अस्वीकार्य है। अदालत ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित व्यक्तियों को नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए और दूषित पानी से प्रभावित सभी लोगों को उच्चतम चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जाएं।
अदालत ने यह भी कहा कि इंदौर एक खूबसूरत शहर है, जिसकी सफाई की पूरे देश में सराहना होती है। अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि इस सुंदरता और प्रतिष्ठा को बनाए रखा जाए। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि स्थानीय लोग अब भी साफ पानी से वंचित हैं। सैकड़ों परिवार एक टैंकर पर निर्भर हैं। इस पर अदालत ने सवाल उठाया कि केवल एक टैंकर से क्या समाधान होगा? और तुरंत अतिरिक्त पानी के टैंकर भेजने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि अगले 10 मिनट के भीतर अतिरिक्त टैंकर क्षेत्र में पहुंचने चाहिए और उनके फोटो वकीलों के साथ साझा किए जाने चाहिए।