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मध्यप्रदेश में बारिश के कारण ईको वैन नाले में गिरी, 9 लोगों की मौत

मध्यप्रदेश के राजगढ़ में एक दर्दनाक हादसे में 9 लोगों की जान चली गई जब एक ईको वैन तेज बारिश के कारण झिरी नाले में बह गई। इस घटना में तीन बच्चे और दो महिलाएं शामिल हैं। दो युवक तैरकर बाहर निकलने में सफल रहे। हादसे के समय सड़क पर पानी भरा हुआ था और ड्राइवर को रोकने की कोशिश की गई थी। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
 

दर्दनाक हादसा राजगढ़ में


राजगढ़: मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में सोमवार सुबह एक भयानक दुर्घटना में 9 लोगों की जान चली गई। पचोर-सारंगपुर मार्ग पर पड़ाना कस्बे के निकट तेज बारिश के दौरान एक ईको वैन झिरी नाले में बह गई। मृतकों में तीन बच्चे और दो महिलाएं शामिल हैं। इस हादसे में दो युवक तैरकर बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि अन्य लोग तेज बहाव में बह गए। यह घटना सुबह लगभग 9:30 बजे हुई। ईको वैन में सवार सभी लोग देवास जिले के सतवास क्षेत्र के धांसड़ गांव के निवासी थे और कड़लावद गांव की ओर जा रहे थे। गाड़ी मुकेश सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड थी और वही इसे चला रहा था। मुकेश और हुकुम सिंह को बचा लिया गया है और दोनों का इलाज सारंगपुर अस्पताल में चल रहा है।


सूत्रों के अनुसार, पड़ाना के पास झिरी नाले पर एक 30 फीट लंबा पुल निर्माणाधीन है। सोमवार को हुई भारी बारिश के बाद नाले का पानी पुल के ऊपर से बह रहा था। इसी दौरान, सड़क और अधूरे पुल का हिस्सा पानी में डूबा हुआ था, जिससे ईको वैन आगे बढ़ गई। कुछ ही दूरी पर गाड़ी पानी के तेज बहाव में बह गई।


प्रत्यक्षदर्शी महेंद्र परमार के अनुसार, मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने ड्राइवर को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की थी। उन्होंने बताया कि आगे घुटने तक पानी भरा हुआ था और गाड़ी को नहीं निकालना चाहिए। इसके बावजूद, ड्राइवर ने वाहन को आगे बढ़ा दिया। सड़क किनारे रेलिंग न होने के कारण गाड़ी नाले में गिर गई।


हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। एसडीएम रोहित बम्होरे और एसडीओपी अरविंद सिंह की उपस्थिति में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। SDERF की टीम ने काफी मेहनत के बाद क्रेन की मदद से ईको वैन को नाले से बाहर निकाला। टीआई राहुल रघुवंशी के अनुसार, गाड़ी बाहर निकालने के बाद उसमें कोई व्यक्ति नहीं मिला।


हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान शंकर सिंह (50), उनकी पत्नी सागरबाई, रीनू (28) पत्नी हुकुम सिंह, तीन वर्षीय राजवीर, जसप्रीत, विशाल चौहान, उनकी पत्नी पूजा (27), रिशिका और आनंद सिंह के रूप में हुई है।


अस्पताल में भर्ती मुकेश सिंह ने बताया कि वे धांसड़ गांव से अपनी काकी को इलाज के लिए कनावड़ धाम ले जा रहे थे। नाले में बाढ़ आने के कारण ग्रामीणों ने उन्हें आगे जाने से मना किया था। वे करीब 15 मिनट तक रुके भी रहे। मुकेश के अनुसार, परिवार के कुछ सदस्यों ने कहा कि यदि समय पर नहीं पहुंचे तो इलाज की पर्ची नहीं मिलेगी और अगले दिन फिर आना पड़ेगा। इसके बाद उन्होंने गाड़ी पानी में उतार दी।


इसी बीच, PWD के इंजीनियर पीके शर्मा ने बताया कि निर्माणाधीन पुल के पास डायवर्जन के बोर्ड लगाए गए हैं। उनके अनुसार, हादसे के समय रास्ता पानी में डूबा हुआ था और ग्रामीणों ने वाहन चालक को रोकने की कोशिश की थी। इसके बावजूद, वाहन आगे बढ़ाया गया। हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।