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मनजीत सिंह बेदी: SNAP घोटाले में वांछित आरोपी का अमेरिका प्रत्यर्पण

मनजीत सिंह बेदी, जो अमेरिका में खाद्य सहायता योजना के तहत 6 लाख डॉलर के घोटाले में वांछित था, को गिरफ्तार कर अमेरिका भेज दिया गया है। बेदी पर आरोप है कि उसने लाभार्थियों के ईबीटी कार्ड से राशि चार्ज की, लेकिन उन्हें खाद्य सामग्री नहीं दी। जमानत पर रिहाई के बाद वह भाग गया था, लेकिन अब उसे अमेरिकी अदालत में पेश किया जाएगा। यदि दोष सिद्ध होता है, तो उसे 20 साल तक की सजा हो सकती है।
 

अमेरिका में खाद्य सहायता घोटाले में गिरफ्तारी

जालंधर - अमेरिका में गरीबों के लिए खाद्य सहायता प्रदान करने वाली योजना में लगभग 6 लाख डॉलर (लगभग 5.6 करोड़ रुपये) के घोटाले में वांछित 64 वर्षीय मनजीत सिंह बेदी को गिरफ्तार कर अमेरिका भेज दिया गया है। बेदी, जो जालंधर का निवासी है, एफबीआई की मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स सूची में शामिल था। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, उसे 15 अक्टूबर को वाशिंगटन लाया गया, जहां उसके खिलाफ संघीय अदालत में मामला चलेगा।


टकोमा में किराना व्यवसाय


अभियोजन पक्ष के अनुसार, बेदी वाशिंगटन के टकोमा में एक किराना स्टोर का संचालन करता था। उस पर सप्लीमेंटल न्यूट्रिशन असिस्टेंस प्रोग्राम (एसएनएपी) के तहत मिलने वाली खाद्य सहायता में धोखाधड़ी करने का आरोप है। यह योजना अमेरिका में कम आय वाले लोगों को भोजन खरीदने में मदद करती है।


आरोप है कि मार्च 2024 से जून 2025 के बीच, बेदी ने लाभार्थियों के इलेक्ट्रॉनिक बेनिफिट ट्रांसफर (ईबीटी) कार्ड से पूरी राशि चार्ज की, लेकिन उन्हें कोई खाद्य सामग्री नहीं दी। इसके बजाय, वह कथित तौर पर लाभार्थियों को राशि का 50 प्रतिशत नकद देता था और शेष रकम अपने पास रख लेता था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, इस तरीके से उसने कम से कम 6 लाख डॉलर की अवैध कमाई की।


जमानत पर रिहाई के बाद भागने का आरोप


अमेरिकी अदालत में अप्रैल 2026 में वायर फ्रॉड के आरोपों में खुद को निर्दोष बताने के बाद, बेदी पर जमानत की शर्तों का उल्लंघन कर फरार होने का आरोप है। बताया गया है कि वह कनाडा के रास्ते भारत पहुंचा और जालंधर में छिपकर रहने लगा।


एफबीआई ने 3 सितंबर 2026 को उसे अपनी मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स सूची में शामिल किया था। इसके बाद अमेरिकी एजेंसियों ने उसकी जानकारी भारतीय अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ साझा की। इसी सूचना के आधार पर पंजाब पुलिस और संबंधित भारतीय एजेंसियों ने कार्रवाई की।


अमेरिकी अधिकारियों का आभार


प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद, बेदी को अमेरिकी संघीय एजेंटों के हवाले कर दिया गया। अमेरिकी अधिकारियों ने इस कार्रवाई में सहयोग के लिए पंजाब पुलिस और भारतीय एजेंसियों का आभार व्यक्त किया है। अब आरोपी को वाशिंगटन के वेस्टर्न डिस्ट्रिक्ट की संघीय अदालत में पेश किया जाएगा।


अभियोजन पक्ष उसकी जमानत का विरोध करते हुए मुकदमे की सुनवाई पूरी होने तक उसे हिरासत में रखने की मांग कर सकता है, क्योंकि वह पहले फरार हो चुका है।


दोष सिद्ध होने पर सजा का सामना


अमेरिकी कानून के तहत वायर फ्रॉड और एसएनएपी लाभ से जुड़ी धोखाधड़ी के आरोप गंभीर संघीय अपराध माने जाते हैं। यदि बेदी के खिलाफ आरोप सिद्ध होते हैं, तो उसे अधिकतम 20 साल तक की जेल और 2.5 लाख डॉलर तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, उसकी दोषसिद्धि का फैसला अदालत में सुनवाई के बाद ही होगा।