ममता बनर्जी की पार्टी TMC को हाई कोर्ट से मिले दो बड़े झटके
TMC की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं
ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। हाल ही में, पार्टी को हाई कोर्ट से दो महत्वपूर्ण झटके लगे हैं। एक ओर, अभिषेक बनर्जी की गिरफ्तारी पर लगी रोक हटा दी गई है, वहीं दूसरी ओर, कलकत्ता हाई कोर्ट ने ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इसके अलावा, पार्टी का बैंक खाता भी संकट में है, क्योंकि अरूप बिस्वास ने बैंक में अर्जी दी है कि खातों को फ्रीज किया जाए। इससे पहले, पार्टी के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया था कि ममता बनर्जी की सुरक्षा में तैनात सभी जवानों को हटा दिया गया है।
पार्टी की स्थिति गंभीर
यह सब तब हो रहा है जब ममता बनर्जी की पार्टी पश्चिम बंगाल की विधानसभा से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर कमजोर होती जा रही है। पार्टी के महासचिव और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को बार-बार सीआईडी और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के सामने पेश होना पड़ रहा है। ममता बनर्जी खुद सड़क से अदालत तक अपनी लड़ाई लड़ रही हैं और उन्होंने भवानीपुर में अपनी हार को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। इस बीच, लोकसभा में टीएमसी के 20 सांसदों ने एक नई पार्टी, नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI), में विलय का ऐलान किया है।
कलकत्ता हाई कोर्ट का फैसला
तृणमूल कांग्रेस ने ऋतब्रत बनर्जी को नेता विपक्ष नियुक्त करने के पश्चिम बंगाल विधानसभा के स्पीकर के निर्णय को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। कलकत्ता हाई कोर्ट ने फिलहाल किसी पक्ष में फैसला नहीं सुनाया है, लेकिन उसने ऋतब्रत बनर्जी की नियुक्ति को भी पलटा नहीं है। जस्टिस कृष्ण राव ने दोनों पक्षों को 2 हफ्ते में जवाब देने और 3 हफ्ते में एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई को होगी, और इस बीच स्पीकर का निर्णय बरकरार रहेगा।
अरूप बिस्वास की कार्रवाई
तृणमूल कांग्रेस की सरकार में मंत्री रह चुके अरूप बिस्वास ने पार्टी के कोषाध्यक्ष के रूप में HDFC बैंक की सेंट्रल प्लाजा ब्रांच को पत्र लिखकर सभी खातों को फ्रीज करने की मांग की है। उनका कहना है कि पार्टी में गड़बड़ी चल रही है और कई नेता बगावत कर चुके हैं, जिससे उनके दस्तखत का गलत इस्तेमाल हो सकता है।
अभिषेक बनर्जी की गिरफ्तारी की संभावना
लोकसभा सांसद और टीएमसी के महासचिव अभिषेक बनर्जी के लिए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से एक झटका आया है। बीजेपी नेता आकाश विजयवर्गीय ने 2020 में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। विशेष अदालत ने अभिषेक के खिलाफ वारंट जारी किया था, लेकिन बाद में उस पर रोक लगा दी गई थी। अब हाई कोर्ट ने इस वारंट पर लगी रोक हटा दी है, जिससे उनकी गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है।
ममता बनर्जी की सुरक्षा पर सवाल
बुधवार रात, टीएमसी के डेरेक ओ ब्रायन ने ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित निवास से एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने दिखाया कि ममता के घर पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को हटा दिया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से सवाल किया कि वे क्या साजिश रच रहे हैं। इस पर टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने चेतावनी दी कि अगर ममता को कुछ हुआ, तो बंगाल में हंगामा होगा। टीएमसी इस मामले को लेकर काफी चिंतित है और पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों पर प्रतिक्रिया दे रही है।