महराजगंज में पत्रकारों का पुलिस थानाध्यक्ष के खिलाफ प्रदर्शन
पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर पत्रकारों का विरोध
महराजगंज :: ठूठीबारी थानाध्यक्ष अमित सिंह पर पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोपों को लेकर मंगलवार को जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। क्लब के सदस्यों ने एसपी को ज्ञापन सौंपकर थानाध्यक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। जब एसपी से मुलाकात नहीं हो पाई, तो पत्रकारों ने एसपी कार्यालय के बाहर धरना देने का निर्णय लिया, जिससे पुलिस महकमे में हलचल मच गई।
सूत्रों के अनुसार, जब पत्रकार एसपी कार्यालय पहुंचे, तो ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकते हुए कहा कि “साहब फ्री होंगे, तब मुलाकात होगी।” इस पर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब के जिलाध्यक्ष अजय श्रीवास्तव के नेतृत्व में पत्रकार धरने पर बैठ गए। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने तुरंत प्रतिनिधिमंडल को अपने कार्यालय में बुलाया और मामले की जानकारी ली।
बैठक में पत्रकारों ने ठूठीबारी थाना क्षेत्र के पत्रकार दिनेश रौनियार के साथ हुए दुर्व्यवहार का मामला उठाया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि भूमि विवाद से संबंधित एक मामले में थानाध्यक्ष अमित सिंह ने पत्रकार के साथ अभद्र व्यवहार किया, जिससे वह मानसिक रूप से आहत होकर आत्महत्या का प्रयास कर चुके हैं। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने जांच नौतनवा क्षेत्राधिकारी को सौंपते हुए एक सप्ताह के भीतर निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि थानाध्यक्ष अमित सिंह के खिलाफ पहले भी कई वीडियो सामने आ चुके हैं, जिनमें उन्होंने फरियादियों और आम नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार किया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। संगठन ने यह भी सवाल उठाया कि थानाध्यक्ष का गैर जनपद स्थानांतरण होने के बावजूद वह अभी भी महराजगंज में तैनात हैं।
जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब ने कहा कि प्रदेश सरकार पुलिस को संवेदनशील और जनहितैषी व्यवहार के निर्देश देती रही है, लेकिन जिले में दुर्व्यवहार की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। संगठन ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित थाना प्रभारी के खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि पत्रकारों और आम नागरिकों का पुलिस व्यवस्था पर विश्वास बना रहे।