महात्मा गांधी और शास्त्री की जयंती पर महेश सक्सेना का संदेश
महात्मा गांधी और शास्त्री की जयंती पर विचार
नोएडा: महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर, नोएडा लोक मंच के महासचिव महेश सक्सेना ने इन महान व्यक्तित्वों के जीवन और विचारों पर चर्चा की। उन्होंने वर्तमान सामाजिक और प्रशासनिक परिवर्तनों पर चिंता व्यक्त की और कहा कि गांधी और शास्त्री के जीवन से हमें सादगी, ईमानदारी, सेवा, अनुशासन और देश के प्रति समर्पण की प्रेरणा मिलती है।
महेश सक्सेना ने बताया कि वे जल्द ही अपने जीवन के आठवें दशक में प्रवेश करने वाले हैं। नोएडा में 42 वर्षों के अनुभव के साथ, उन्होंने शहर के विकास को करीब से देखा है। उनके अनुसार, प्रारंभिक वर्षों में अधिकारियों और नागरिकों के बीच संवाद और आत्मीयता अधिक थी, लेकिन समय के साथ भौतिकता के बढ़ने से सामाजिक संबंधों में बदलाव आया है।
उन्होंने कहा कि आज समाज में आपसी प्रेम और भाईचारे को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। गांधी जी के विचारों का उल्लेख करते हुए, उन्होंने कहा कि सत्य, अहिंसा, सादगी और सेवा जैसे मूल्यों को केवल याद करने के बजाय उन्हें अपने जीवन में उतारना आवश्यक है। वहीं, शास्त्री जी का जीवन सादगी और देश के प्रति समर्पण का आदर्श है।
शास्त्री जी से जुड़ी यादें
महेश सक्सेना ने लाल बहादुर शास्त्री से जुड़ा एक संस्मरण साझा किया। उन्होंने बताया कि 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान, शास्त्री जी ने देशवासियों से त्याग और सहयोग का आह्वान किया था। उनके इस आह्वान से प्रेरित होकर, उन्होंने सोमवार को एक समय का भोजन छोड़ने का संकल्प लिया था।
उन्होंने कहा कि शास्त्री जी के निधन की खबर सुनकर वे अंतिम दर्शन के लिए दिल्ली पहुंचे थे। उस समय शास्त्री जी का देश के प्रति समर्पण और उनका सादा जीवन लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत था।
नोएडा के विकास पर चर्चा
सक्सेना ने अपने नोएडा प्रवास के शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि 1985 में सेक्टर-9 में उद्योग शुरू करने से लेकर 2000 तक, उन्हें कई अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ काम करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि उस समय अधिकारी आम नागरिकों से सहजता से मिलते थे और उनकी समस्याएं सुनते थे।
उन्होंने कहा कि 2000 तक नोएडा में रहने वाले लोगों के बीच आत्मीयता स्पष्ट थी, लेकिन वर्तमान में बढ़ती दूरी और व्यस्तता के कारण वह सहजता कम हो गई है। उनके अनुसार, अधिकारियों और नागरिकों के बीच संवाद बढ़ाने से कई समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर किया जा सकता है।
प्रशासन और नागरिकों के बीच संवाद की आवश्यकता
महेश सक्सेना ने कहा कि पहले आम नागरिक अपनी समस्याएं लेकर अधिकारियों के पास आसानी से पहुंच जाते थे, लेकिन अब यह प्रक्रिया अधिक औपचारिक हो गई है। उन्होंने सुझाव दिया कि अधिकारियों को समय-समय पर नागरिकों से सीधे संवाद करना चाहिए और उनकी समस्याओं को समझना चाहिए।
उन्होंने नोएडा के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि शहर ने पिछले दशकों में उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन विकास के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों और मानवीय संबंधों को भी मजबूत बनाए रखना आवश्यक है। केवल भौतिक विकास ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज में आपसी विश्वास, सहयोग और आत्मीयता भी बनी रहनी चाहिए।
गांधी-शास्त्री के आदर्शों को अपनाने का आह्वान
महेश सक्सेना ने कहा कि आज की पीढ़ी को महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। गांधी जी का सत्य और अहिंसा का संदेश तथा शास्त्री जी का सादगी और कर्तव्यनिष्ठा का जीवन आज भी प्रासंगिक है।
उन्होंने कहा कि गांधी-शास्त्री जयंती केवल श्रद्धांजलि देने का अवसर नहीं, बल्कि उनके विचारों पर आत्ममंथन करने का दिन भी है। यदि समाज में सादगी, सेवा, अनुशासन, आपसी सम्मान और संवाद की भावना को बढ़ावा दिया जाए, तो सामाजिक जीवन को अधिक मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने नागरिकों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय तथा सामाजिक आत्मीयता को बढ़ाने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।