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महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के सह-संस्थापक रवि उप्पल दुबई में गिरफ्तार

महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के सह-संस्थापक रवि उप्पल को दुबई में गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी सौरभ चंद्राकर की भारत वापसी के कुछ दिन बाद हुई। जांच एजेंसियों का कहना है कि उप्पल महादेव नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो सैकड़ों करोड़ रुपये की हवाला डिलीवरी का संचालन करता था। ED अब दुबई में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी प्रयास कर रही है। जानें इस मामले की पूरी कहानी और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
 

रवि उप्पल की गिरफ्तारी

महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के सह-संस्थापक रवि उप्पल को दुबई में गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब सौरभ चंद्राकर, जो इस मामले में दूसरा आरोपी है, को ओमान से भारत लाया गया था। भारतीय एजेंसियों को इस गिरफ्तारी की जानकारी मिल चुकी है, लेकिन UAE की तरफ से भारत को अभी तक कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है.


जांच एजेंसियों की सक्रियता

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, रवि उप्पल की गिरफ्तारी की सूचना जांच एजेंसियों को पहले ही मिल गई थी। अधिकारियों का कहना है कि उसे जल्द से जल्द UAE से भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके साथ ही, प्रत्यर्पण की कोशिशों को भी तेज किया जाएगा.


पहले भी हुई थी हिरासत

रवि उप्पल छत्तीसगढ़ के भिलाई का निवासी है और दुबई में भी काम करता था। अक्टूबर 2023 में उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद, दिसंबर 2023 में दुबई के अधिकारियों ने उसे हिरासत में लिया था, लेकिन वह 45 दिन के भीतर रिहा हो गया। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जनवरी 2024 में UAE को प्रत्यर्पण का अनुरोध भेजा था.


रवि उप्पल की गिरफ्तारी का महत्व

ED के अधिकारियों का मानना है कि उप्पल महादेव नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। वह सैकड़ों करोड़ रुपये की हवाला डिलीवरी का संचालन करता था और छत्तीसगढ़ के नेताओं और अधिकारियों के साथ संपर्क का मुख्य साधन था। उससे पूछताछ करना पैसे के लेन-देन और अवैध कमाई के लाभार्थियों की पहचान के लिए महत्वपूर्ण होगा.


ईडी की आगे की कार्रवाई

ED अब दुबई में एक और आरोपी विकास छाबड़िया को पकड़ने की कोशिश कर रही है। एजेंसी का कहना है कि इस ऐप का संचालन छत्तीसगढ़ में स्थानीय पुलिस और नेताओं के सहयोग से किया गया। ED के अनुसार, इस सट्टेबाजी रैकेट से जुड़ी अवैध कमाई लगभग 94,000 करोड़ रुपये है, जिसमें से 4,000 से 5,000 करोड़ रुपये प्रमोटरों तक पहुंच चुके हैं.