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महाराष्ट्र की राजनीति में शरद पवार और उपचुनाव की दिलचस्प घटनाएँ

महाराष्ट्र की राजनीति में शरद पवार और रोहित पवार के बीच की घटनाएँ चर्चा का विषय बनी हुई हैं। शरद पवार की एनसीपी भाजपा के साथ खेल रही है, जबकि रोहित पवार को ईडी के मामले में क्लीन चिट मिली है। जानें इन घटनाओं का क्या प्रभाव पड़ेगा और उपचुनाव में क्या हुआ।
 

महाराष्ट्र की राजनीतिक स्थिति

महाराष्ट्र में राजनीतिक गतिविधियाँ काफी दिलचस्प हो रही हैं। कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की शिवसेना को यह भली-भांति ज्ञात है कि शरद पवार की एनसीपी भाजपा के साथ खुलकर खेल रही है। इसके बावजूद, दोनों दल चुपचाप इस नाटक को देख रहे हैं। इसके विपरीत, कांग्रेस और उद्धव ठाकरे ने मिलकर शरद पवार को फिर से राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया है।


यह सोचने वाली बात है कि शरद पवार व्हीलचेयर पर बैठकर शपथ लेने गए थे और उन्हें ठीक से शपथ भी नहीं पढ़ने आई। स्वास्थ्य कारणों से वे अपने पारिवारिक निर्वाचन क्षेत्र बारामती में उपचुनाव में वोट डालने नहीं जा सके। हालांकि, उन्होंने अपने दिवंगत भतीजे अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को वोट डालने के लिए प्रेरित किया, लेकिन खुद मतदान नहीं कर सके। फिर भी, उन्हें राज्यसभा में भेजा गया है।


रोहित पवार को मिली राहत

इस बीच, उपचुनाव से एक दिन पहले यह खबर आई कि ईडी के एक मामले में रोहित पवार को क्लीन चिट मिल गई है। ध्यान देने योग्य है कि रोहित पवार शरद पवार के खेमे के विधायक हैं और वे अजित पवार के विमान हादसे में साजिश की आशंका जताने वाले नेताओं में प्रमुख हैं। सुनेत्रा पवार ने भी कहा है कि उन्हें साजिश की आशंका है।


वास्तव में, रोहित पवार और उनकी कंपनी भी महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव बैंक से जुड़े घोटाले में आरोपी थे। लेकिन अब रोहित पवार सहित 15 लोगों को इस मामले में राहत मिल गई है। धीरे-धीरे पूरा पवार परिवार विभिन्न घोटालों के आरोपों से मुक्त होता जा रहा है।