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महाराष्ट्र टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट पेपर लीक का मुख्य आरोपी गिरफ्तार

महाराष्ट्र टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी बिजेंद्र गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने उसे बिहार से पकड़ा है, जहां वह लंबे समय से फरार था। इस मामले में उसकी पत्नी और अन्य सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया गया है। बिजेंद्र ने प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी के तरीकों का खुलासा किया है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और पुलिस की आगे की कार्रवाई के बारे में।
 

मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी


नई दिल्ली: महाराष्ट्र टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पेपर लीक मामले में मुख्य संदिग्ध बिजेंद्र गुप्ता को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। महाराष्ट्र पुलिस ने कई दिनों की खोजबीन के बाद उसे बिहार से पकड़ा। इसके साथ ही एक अन्य आरोपी भी पुलिस के हाथ लगा है। बिजेंद्र गुप्ता को देशभर में विभिन्न परीक्षाओं के पेपर लीक से जोड़ा जा रहा है।


बिजेंद्र काफी समय से फरार था। पुलिस ने बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी की, लेकिन वह हर बार बच निकलता रहा। हाल ही में, पुलिस ने उसके कई सहयोगियों को गिरफ्तार किया, जिनमें उसकी पत्नी सुमन गुप्ता भी शामिल है।


#WATCH | Maharashtra TET पेपर लीक का मुख्य आरोपी बिजेंद्र कुमार गुप्ता (सफेद शर्ट में) बिहार से गिरफ्तार, उसे पुणे एयरपोर्ट लाया गया है।

(वीडियो स्रोत:… pic.twitter.com/TlkLRwgSZm

— News Media (@NewsMedia) July 25, 2026



रिपोर्टों के अनुसार, बिजेंद्र ने प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी के तरीकों का खुलासा किया है। उसने NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) की प्रक्रियाओं में कमियों का भी उल्लेख किया। पुलिस का कहना है कि बिजेंद्र कई राज्यों में पेपर लीक रैकेट का एक प्रमुख खिलाड़ी है। अब महाराष्ट्र पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर लाकर आगे की पूछताछ करेगी और उसके अन्य पेपर लीक गिरोहों से संबंधों की जांच करेगी।


पहले गिरफ्तार हुए आरोपी

पहले गिरफ्तार हुए आरोपी:



  • सुमन गुप्ता (बिजेंद्र की पत्नी): पेपर लीक रैकेट की जानकारी रखने और पैसे के लेन-देन में शामिल होने का आरोप।


  • कपिल दहिया: हरियाणा के सोनीपत का निवासी, लीक पेपर बेचने के लिए मुंबई गया था।


  • मिथुन सिंह: बिहार से गिरफ्तार, लीक पेपर पुणे पहुंचाने का कार्य करता था।


  • सोनू सिंह: बिहार के हाजीपुर से गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेज बनाने और लॉजिस्टिक सपोर्ट देने का आरोप।