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महाराष्ट्र में नगर निगम चुनाव: मेयर पद के लिए राजनीतिक हलचल तेज

महाराष्ट्र में नगर निगम चुनाव के परिणामों के बाद, मेयर पद के लिए बीजेपी और शिवसेना के बीच राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। नगर विकास विभाग आरक्षण की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की योजना बना रहा है, जिसमें मेयर पद के लिए लॉटरी निकाली जाएगी। शिवसेना (शिंदे गुट) ने बीजेपी से ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले की मांग की है। जानें इस राजनीतिक हलचल के पीछे की पूरी कहानी और संभावित परिणाम।
 

मुंबई में नगर निगम चुनाव का उत्साह


मुंबई: महाराष्ट्र में नगर निगम चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न हो गए हैं। बीएमसी के परिणामों के बाद, राज्य की प्रमुख महानगरपालिकाओं में मेयर पद के लिए राजनीतिक गतिविधियाँ तेजी से बढ़ गई हैं। बीजेपी और शिवसेना के बीच इस पद को लेकर लगातार चर्चा चल रही है।


मेयर चुनाव के लिए आरक्षण प्रक्रिया

सूत्रों के अनुसार, महाराष्ट्र के नगर विकास विभाग द्वारा बीएमसी और अन्य नगरपालिकाओं के मेयर चुनाव के लिए आरक्षण की प्रक्रिया जल्द ही पूरी की जाएगी। इस प्रक्रिया के तहत आरक्षण की लॉटरी अगले सप्ताह मंगलवार या बुधवार को निकाली जा सकती है।


आरक्षण लॉटरी से तय होगा मेयर का चयन

नगर विकास विभाग द्वारा आयोजित इस लॉटरी के माध्यम से यह निर्धारित किया जाएगा कि किस समूह के लिए मेयर पद आरक्षित होगा। यदि जनरल कैटगरी की लॉटरी निकलती है, तो उसी वर्ग के निर्वाचित पार्षद को मेयर के लिए चुना जाएगा। यह प्रक्रिया राज्य की अन्य नगरपालिकाओं में भी लागू होगी। मेयर पद को लेकर बीजेपी और शिवसेना के नेता फिलहाल सतर्कता बरत रहे हैं। हालांकि, चुनावी जीत के बाद बीजेपी के मुंबई अध्यक्ष ने कहा कि मुंबई का मेयर महायुति से ही होगा।


शिवसेना की ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले की मांग

सूत्रों के अनुसार, शिवसेना (शिंदे गुट) ने बीजेपी से मेयर पद के लिए ढाई-ढाई साल का फॉर्मूला लागू करने की मांग की है। शिवसेना ने अपने 29 चुने हुए नगरसेवकों के साथ बांद्रा स्थित एक होटल में बैठक की, जहां इस पद को लेकर चर्चा की गई। शिंदे गुट के नेताओं का मानना है कि सत्ता साझेदारी के तहत उन्हें भी ढाई साल के लिए मेयर पद मिलना चाहिए। हालांकि, इस पर कोई औपचारिक बयान अभी तक नहीं आया है।


बीजेपी की मेयर बनाने की तैयारी

सूत्रों के अनुसार, मुंबई में 89 सीटों पर जीत के बाद बीजेपी मेयर बनाने की पूरी तैयारी में है। पार्टी के भीतर संभावित नामों और रणनीति पर चर्चा शुरू हो चुकी है। दूसरी ओर, शिवसेना (शिंदे गुट) के कई मंत्री और नेता भी मेयर पद पर अपना दावा पेश कर रहे हैं और ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले पर जोर दे रहे हैं। अंतिम निर्णय के बारे में कुछ दिनों में जानकारी मिल सकेगी।