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महाराष्ट्र में फर्जी पुलिस अधिकारी ने ठगे 43 लाख रुपये, गिरफ्तार

महाराष्ट्र के लातूर में एक व्यक्ति को फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने चोरी के सामान को वापस दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये ठगे। उसने अखबारों में छपी चोरी की घटनाओं की जानकारी जुटाई और फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से 43 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। इस मामले में पुलिस ने आम जनता से सतर्क रहने की अपील की है।
 

फर्जी पुलिस अधिकारी की गिरफ्तारी


मुंबई। महाराष्ट्र के लातूर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति को पुलिस अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने चोरी के सामान को वापस दिलाने का झांसा देकर लोगों से पैसे ऐंठे। उसने चोरी की घटनाओं की जानकारी अखबारों से जुटाई और खुद को पुलिसकर्मी बताकर फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया। इसके साथ ही, उसने एक कथित यूपीएससी साक्षात्कार का वीडियो दिखाकर पीड़ितों को विश्वास में लिया। इस तरीके से आरोपी ने लाखों रुपये ठग लिए हैं।


पुलिस के अनुसार, आरोपी का नाम विजय अनिरुद्ध (25) है, जो परभणी का निवासी है। जिले में धोखाधड़ी की कई शिकायतें मिलने के बाद पुलिस ने उसे सोमवार को गिरफ्तार किया। न्यू रेनापुर नाका के पास एक व्यक्ति के पुलिस अधिकारी बनकर ठगी करने की सूचना मिलने पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। आरोपी के पास से 43 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं।


पूछताछ में विजय ने बताया कि वह अखबारों में छपी चोरी की खबरों पर नजर रखता था और पीड़ितों के फोन नंबर इकट्ठा करके उनसे संपर्क करता था। वह एक वीडियो दिखाकर भरोसा जीतता था, जिसमें वह यूपीएससी इंटरव्यू में शामिल होता हुआ दिखता था। इसके अलावा, उसने फर्जी दस्तावेज तैयार कर पीड़ितों को विश्वास में लिया और चोरी के सामान की बरामदगी का झांसा देकर मोटी रकम ऐंठी।


पुलिस के अनुसार, उसने 19 मार्च को अहमदपुर के एक व्यक्ति से सोना बरामद कराने का झूठा वादा कर 5 लाख रुपये ठग लिए थे। हालांकि, आरोपी ने इस रकम में से 70 हजार रुपये खर्च कर दिए थे, जबकि बाकी 4.3 लाख रुपये पुलिस ने बरामद कर लिए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि उसने पिछले दो वर्षों में नांदेड़ और परभणी जिलों में भी इसी तरह की ठगी की घटनाएं की हैं। अब इन जिलों की पुलिस उसकी भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे सतर्क रहें और बिना पुख्ता जानकारी के किसी भी व्यक्ति को, जो खुद को पुलिस अधिकारी बताता हो, पैसे न दें।