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महाराष्ट्र में मूसलधार बारिश का कहर: नाशिक में हाई अलर्ट, स्कूल-कॉलेज बंद

महाराष्ट्र में हो रही मूसलधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। नाशिक में हाई अलर्ट जारी किया गया है, और प्रशासन ने पर्यटकों से यात्रा टालने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने भारी बारिश के चलते राहत कार्यों के लिए प्रशासन को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। मुंबई समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जानें इस स्थिति के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
 

महाराष्ट्र में बारिश से जनजीवन प्रभावित


मुंबई: महाराष्ट्र में हो रही लगातार मूसलधार बारिश ने लोगों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य के विभिन्न जिलों में बाढ़, जलभराव और भूस्खलन जैसी घटनाएं देखने को मिल रही हैं। मौसम से संबंधित घटनाओं में 10 से अधिक लोगों की जान जाने की सूचना है। नाशिक में बादल फटने की संभावनाएं भी जताई गई हैं, जिसके चलते प्रसिद्ध त्र्यंबकेश्वर मंदिर को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया है।


नाशिक में हाई अलर्ट, पर्यटकों को सावधानी बरतने की सलाह

नाशिक ग्रामीण पुलिस ने लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे फिलहाल जिले की यात्रा न करें। प्रशासन ने इगतपुरी, वडिवर्हे और त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र में चेक पोस्ट स्थापित किए हैं। जिला प्रशासन के निर्देश पर मंगलवार को त्र्यंबकेश्वर और वाणी मंदिर को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। लगातार बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।


मुख्यमंत्री ने दी सतर्कता की सलाह

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि भारी बारिश का यह सिलसिला 8 जुलाई तक जारी रह सकता है। उन्होंने कहा कि सरकारी तंत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है और राहत एवं बचाव कार्यों के लिए प्रशासन को पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।


मुंबई समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई, कोल्हापुर, सतारा, सिंधुदुर्ग और रत्नागिरी सहित कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक बारिश की संभावना जताई गई है।


24 घंटे में रिकॉर्ड बारिश, भूस्खलन की घटनाएं

मुंबई-पुणे मार्ग के करजत-लोनावला घाट क्षेत्र में पिछले 24 घंटों में लगभग 600 मिमी बारिश दर्ज की गई। पुणे जिले में दो दिनों में 22 स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं हुईं। कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं, जिससे लोगों की आवाजाही में बाधा आई।


स्कूल-कॉलेज बंद, यातायात प्रभावित

भारी बारिश को देखते हुए मुंबई में सभी सरकारी, निजी और नगर निगम संचालित स्कूल-कॉलेज बंद रखने का निर्णय लिया गया है। वहीं, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे का मिसिंग लिंक राहत कार्यों के बाद फिर से शुरू कर दिया गया है।


दूसरी ओर, भूस्खलन के कारण बंद हुआ मुंबई-गोवा हाईवे का एक हिस्सा भी धीरे-धीरे यातायात के लिए खोला जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की है।