महाराष्ट्र में स्वघोषित संत के खिलाफ गंभीर आरोपों का खुलासा
महाराष्ट्र में एक काले साम्राज्य का पर्दाफाश
नई दिल्ली: एक स्वघोषित संत अशोक कुमार खराट के खिलाफ गंभीर आरोपों ने महाराष्ट्र में हलचल मचा दी है। आस्था के नाम पर चलाए जा रहे इस काले साम्राज्य ने न केवल समाज को शर्मिंदा किया है, बल्कि एक 'आध्यात्मिक गुरु' के असली चेहरे को भी उजागर किया है। पुलिस की जांच में बलात्कार, महिलाओं को नशीला पदार्थ देकर शोषण, वित्तीय धोखाधड़ी और हत्या की साजिश जैसे चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। इस मामले की गहराई को समझने के लिए विशेष जांच दल (SIT) सक्रिय है।
गर्भवती महिला के साथ हुई घटना ने बढ़ाई गंभीरता
एक सात महीने की गर्भवती महिला के साथ संत के कक्ष में हुई घटना ने इस मामले को और भी गंभीर बना दिया। अनुष्ठान के बहाने महिला को अकेले बुलाकर संत ने उसके साथ छेड़छाड़ और बलात्कार की कोशिश की। महिला ने साहस दिखाते हुए वहां से भागकर अपनी जान बचाई और अपनी आपबीती सुनाई।
हिडन कैमरे से खुली संत की काली करतूतें
पीड़िता के पति ने सच्चाई जानने के लिए संत के कक्ष में एक छिपा कैमरा लगाया। इस कैमरे की रिकॉर्डिंग में संत की काली करतूतें स्पष्ट रूप से दिखाई दीं, जिसमें वह महिलाओं को नशीला पदार्थ देकर उनके साथ शोषण करता नजर आया। अब तक पुलिस ने 100 से अधिक वीडियो क्लिप बरामद की हैं, जो यह दर्शाती हैं कि यह कोई एकल घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित श्रृंखला थी।
शोषण का सिलसिला वर्षों तक चलता रहा
एक अन्य महिला ने आरोप लगाया है कि संत खराट ने 2020 से 2026 के बीच कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता को विश्वास में लेकर और नशीली दवाएं खिलाकर उसे बेसुध किया जाता था। सूत्रों के अनुसार, शोषण के कारण गर्भवती होने पर महिला को जबरन गर्भपात की गोलियां भी दी गईं।
आस्था के नाम पर वित्तीय धोखाधड़ी
संत केवल यौन शोषण तक सीमित नहीं था, बल्कि वह वित्तीय धोखाधड़ी में भी माहिर था। इमली के बीजों को पॉलिश करके उन्हें 'ऊर्जावान रत्न' बताकर भक्तों को लाखों रुपये में बेचा जाता था। इसके अलावा, नाशिक के एक परिवार की 45 लाख रुपये की जमीन भी दबाव बनाकर हड़प ली गई। श्रद्धालुओं को डराने के लिए नकली सांपों का सहारा लिया जाता था, ताकि लोग संत की हर बात मान लें।
हत्या की आशंका और पुलिस की कार्रवाई
भूमि विवाद के बीच जाधव परिवार के एक सदस्य की संदिग्ध मौत ने मामले को और गंभीर बना दिया है। परिवार का आरोप है कि अदालत में सुनवाई से ठीक पहले संत ने उनकी हत्या करवाई है। वर्तमान में पुलिस द्वारा गठित एसआईटी (SIT) इन सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है ताकि कानून के अनुसार आरोपी को कड़ी सजा मिल सके।