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महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर संसद में चर्चा, मोदी ने विपक्ष को दी नसीहत

संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर चर्चा शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि इस बिल का विरोध करने वालों का राजनीतिक भविष्य खराब हो सकता है। उन्होंने कहा कि नए कानून के तहत लोकसभा में महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित की जाएंगी। जानें इस महत्वपूर्ण चर्चा के बारे में और क्या कहा गया।
 

महिला आरक्षण और परिसीमन बिल का पुनर्प्रस्ताव

नई दिल्ली। संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन से संबंधित बिल को एक बार फिर लोकसभा में पेश किया गया है, जो कि ढाई साल पहले पारित हुआ था। सितंबर 2023 में सर्वसम्मति से पास किया गया यह बिल अब लागू नहीं हो सका है। सरकार अब इसमें संशोधन करने की योजना बना रही है। गुरुवार को इस संबंध में तीन बिल लोकसभा में पेश किए गए और चर्चा की प्रक्रिया शुरू हुई। शुक्रवार को शाम चार बजे तक इस पर चर्चा होगी, जिसके बाद वोटिंग की जाएगी। इनमें से एक बिल नारी शक्ति वंदन कानून में संशोधन है, जिसे विशेष बहुमत से पास कराना आवश्यक है, यानी सदन में उपस्थित और वोटिंग करने वाले सदस्यों की दो तिहाई संख्या से। नए कानून के अनुसार, लोकसभा सदस्यों की संख्या 850 तक बढ़ाई जाएगी, जिसमें से दो तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।


गुरुवार को तीन दिन के सत्र के पहले दिन विधेयकों को लोकसभा में ध्वनि मत से पास कराने का प्रयास किया गया, लेकिन विपक्ष ने मत विभाजन की मांग की। इसके बाद स्पीकर ने वोटिंग की अनुमति दी, जिसमें विधेयकों के पक्ष में 251 और विपक्ष में 185 वोट पड़े। इसके बाद तीनों विधेयकों पर चर्चा शुरू हुई। भाजपा के कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा, 'हमारे संविधान निर्माताओं ने संविधान को यह शक्ति दी है कि संशोधन करके लोकहित के फैसले ले सकते हैं। ये तीनों बिल, महिलाओं के लिए हैं।'


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि यदि विपक्ष इसका श्रेय लेना चाहता है, तो वह ले सकता है। मोदी ने कहा, 'कुछ लोगों को लगता है कि इसमें मोदी का राजनीतिक स्वार्थ है। अगर इसका विरोध करेंगे तो स्वाभाविक है कि राजनीतिक लाभ मुझे होगा। अगर साथ चलेंगे तो किसी को भी नहीं होगा।' उन्होंने आगे कहा, 'हमें क्रेडिट नहीं चाहिए, जैसे ही पारित हो जाए तो मैं एड देकर सबको धन्यवाद देने के लिए तैयार हूं। सबकी फोटो छपवा देंगे। ले लो जी क्रेडिट।'


मोदी ने कहा, 'अगर गांरंटी शब्द चाहिए तो मैं वह शब्द भी उपयोग करता हूं। जब नीयत साफ है तो शब्दों का खेल करने की जरूरत नहीं है।' डीएमके सांसदों के काले कपड़े पहनने पर मोदी ने कहा, 'हमारे यहां परंपरा है कि अच्छे काम में किसी की नजर न लगे इसके लिए काला टीका लगाते हैं, इसलिए मैं आपका धन्यवाद करता हूं।'


मोदी ने विपक्षी पार्टियों को सलाह देते हुए कहा, 'जब भी चुनाव आया है, महिलाओं को मिलने वाले इस अधिकार का विरोध करने वालों का हाल बुरा हुआ है। कभी माफी नहीं मिली।' उन्होंने कहा, 'इसलिए जिनको भी इसमें राजनीति की बू आ रही है, वो अपने परिणामों को देख लें। इसी में फायदा है, जो नुकसान हो रहा है उससे बच जाओगे।'