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महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर बहस तेज, बीजेपी सांसद का बड़ा बयान

महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर चल रही बहस में बीजेपी सांसद बूरा नरसैया गौड़ ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को भारत में शामिल करने की बात कही है। इस विधेयक के तहत लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव है। विपक्ष इसका विरोध कर रहा है, जबकि सरकार इसे जल्द पास कराने की कोशिश में है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है।
 

महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर बहस


देश में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक और परिसीमन विधेयक को लेकर बहस जारी है। इन महत्वपूर्ण विधेयकों को पास कराने के लिए सरकार ने विशेष सत्र का आयोजन किया है। इस बीच, विपक्ष इसका विरोध कर रहा है। बीजेपी सांसद बूरा नरसैया गौड़ का बयान इस मुद्दे पर चर्चा का केंद्र बन गया है।


गौड़ ने कहा कि परिसीमन विधेयक के माध्यम से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) को भारत में शामिल करने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि इस विधेयक के तहत लोकसभा की सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव है। PoK में चुनाव कराए जाएंगे और वहां से चुने गए प्रतिनिधि भारत की संसद का हिस्सा बनेंगे.


PoK भारत का अभिन्न अंग

बीजेपी नेता ने यह भी कहा कि पीओके भारत का अभिन्न अंग है और हर भारतीय की इच्छा है कि यह क्षेत्र जल्द से जल्द वापस मिले। संवैधानिक और नैतिक दृष्टि से PoK भारत का हिस्सा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एक दिन ऐसा आएगा जब PoK के लोग भी भारत के लोकतंत्र में मतदान करेंगे और उनके प्रतिनिधि लोकसभा और राज्यसभा में बैठेंगे।


एक दिन पहले लोकसभा में 12 घंटे तक इस विषय पर चर्चा हुई, जिसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण) और परिसीमन विधेयक पर विस्तार से बात की गई। आज यानी शुक्रवार को शाम 4 बजे इन विधेयकों पर मतदान होने वाला है। सरकार की योजना है कि महिला आरक्षण कानून 2029 के आम चुनाव से लागू हो जाए।


विपक्ष का तर्क

विपक्षी दल महिला आरक्षण विधेयक को जल्द लागू करने का समर्थन कर रहे हैं, लेकिन परिसीमन विधेयक का विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन कर अपनी राजनीतिक स्थिति को मजबूत करना चाहती है और अन्य पिछड़े वर्गों की हिस्सेदारी को कम करने का प्रयास कर रही है।


विपक्ष का तर्क है कि महिला आरक्षण को परिसीमन से अलग रखकर वर्तमान 543 लोकसभा सीटों के आधार पर 2029 से लागू किया जा सकता है। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि महिला आरक्षण संबंधी संविधान संशोधन विधेयक को सर्वसम्मति से पास किया जाए।