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महिला आरक्षण विधेयक लोकसभा में असफल, पीएम मोदी का संबोधन तय

लोकसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला संविधान विधेयक अस्वीकृत हो गया है। इसके एक दिन बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र को संबोधित करने वाले हैं। इस संबोधन का विषय अभी स्पष्ट नहीं है। विधेयक के पक्ष में 298 सांसदों ने वोट दिया, जबकि 230 ने इसका विरोध किया। बीजेपी ने इसे काले दिन के रूप में देखा है और विपक्ष पर महिलाओं के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया है। जानें इस मुद्दे की गहराई और पीएम मोदी के संभावित संबोधन के बारे में।
 

महिला आरक्षण विधेयक का सदन में अस्वीकृति

लोकसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान रखने वाला संविधान विधेयक पारित नहीं हो सका। इस विधेयक के अस्वीकृत होने के एक दिन बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार रात 8:30 बजे राष्ट्र को संबोधित करने वाले हैं, इसकी जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय ने दी है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि पीएम मोदी किस विषय पर बात करेंगे।


इस विधेयक को संसद में महिला आरक्षण से संबंधित मुद्दों से जोड़ा जा रहा है। इसमें महिलाओं के लिए संसद और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने के साथ-साथ लोकसभा की सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने और 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन का प्रावधान था।


विधेयक का गिरना कैसे हुआ?

इस विधेयक के पक्ष में 298 सांसदों ने मतदान किया, जबकि 230 सांसदों ने इसका विरोध किया। केंद्र सरकार ने विपक्ष पर महिलाओं के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया है। महिला आरक्षण को 2029 से लागू करने और लोकसभा की सीटें बढ़ाने वाले संविधान संशोधन विधेयक के अस्वीकृत होने के बाद बीजेपी और विपक्ष के बीच तीखी बहस शुरू हो गई है।


बीजेपी ने इसे काले दिन के रूप में वर्णित किया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर महिलाओं के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया गया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि विपक्ष को देश की महिलाओं के गुस्से का सामना करना पड़ेगा और उन्होंने यह भी कहा कि उनकी विश्वसनीयता हमेशा के लिए समाप्त हो गई है।