×

महिला स्वास्थ्य कर्मियों के तबादले में बाधा, सीएमओ पर गंभीर आरोप

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक स्वास्थ्य विभाग में सुधार के लिए प्रयासरत हैं, लेकिन महराजगंज के सीएमओ सुरेंद्र कुमार चौधरी महिला स्वास्थ्य कर्मियों के तबादले में बाधा डाल रहे हैं। करीब दो दर्जन महिला स्वास्थ्य कर्मियों का तबादला किया गया, लेकिन सीएमओ ने उन्हें रिलीव नहीं किया। इस पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं कि सीएमओ आदेशों की अनदेखी कर रहे हैं। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और सीएमओ की भूमिका के बारे में।
 

महिला स्वास्थ्य कर्मियों का तबादला और सीएमओ की भूमिका


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक स्वास्थ्य विभाग में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय ले रहे हैं। वे कर्मचारियों और आम जनता की समस्याओं को हल करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। लेकिन महराजगंज के मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) सुरेंद्र कुमार चौधरी सरकार की योजनाओं को विफल करने में लगे हुए हैं।


यह मामला महिला स्वास्थ्य कर्मियों (ANM) के तबादले से संबंधित है। लगभग दो दर्जन महिला स्वास्थ्य कर्मियों का तबादला महराजगंज से विभिन्न जिलों में किया गया, जिसमें रिता यादव, वंदना, गौरी त्रिपाठी, रीना कनौजिया और अन्य शामिल हैं। इनका आरोप है कि, सीएमओ इन्हें रिलीव नहीं कर रहे हैं, जिससे ये महिलाएं दर-दर भटकने को मजबूर हैं।



कुछ महिला स्वास्थ्य कर्मियों ने सीएमओ पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि, उनके स्थानांतरण के संबंध में परिवार कल्याण के महानिदेशक द्वारा जारी आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है। हाल ही में, महानिदेशक ने महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के ट्रांसफर की प्रक्रिया को मंजूरी दी थी, लेकिन इसके बावजूद सीएमओ ने आदेश की अनदेखी की है।


स्वास्थ्य मंत्री और शासन के निर्देश पर, लखनऊ के महानिदेशक ने महिला स्वास्थ्य कर्मियों के ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू की थी। सीएमओ स्तर पर ऑनलाइन फॉरवर्डिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद 3 सितंबर 2026 को ट्रांसफर लिस्ट जारी की गई। इसके बावजूद, महराजगंज के सीएमओ द्वारा महिला स्वास्थ्य कर्मियों को कार्यमुक्त नहीं किया जा रहा है।


सूत्रों के अनुसार, सीएमओ महराजगंज अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देते हुए महिला स्वास्थ्य कर्मियों के ट्रांसफर के बाद भी उन्हें रिलीव नहीं कर रहे हैं।