×

महिलाओं के आरक्षण पर सियासी विवाद: संसद से सड़क तक की लड़ाई

महिलाओं के आरक्षण पर केंद्र सरकार द्वारा बुलाए गए विशेष सत्र में सत्ताधारी और विपक्षी दलों के बीच तीखी बहस हुई। आवश्यक समर्थन न मिलने के कारण यह मुद्दा अब सड़कों पर आ गया है। रिपोर्ट के अनुसार, संसद में महिलाओं की भागीदारी बेहद कम है, जिसमें बीजेपी के सांसदों में केवल 12.90 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं। विभिन्न राज्यों में महिला विधायकों की संख्या भी चिंताजनक है। जानें इस सियासी विवाद के पीछे की कहानी और महिलाओं की राजनीतिक स्थिति के बारे में।
 

महिलाओं के आरक्षण पर केंद्र सरकार का विशेष सत्र

केंद्र सरकार ने महिलाओं के आरक्षण पर चर्चा के लिए संसद और विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं में एक विशेष सत्र आयोजित किया। शनिवार को इस सत्र के दूसरे दिन, सरकार के प्रस्तावों पर मतदान हुआ, लेकिन आवश्यक समर्थन नहीं मिल सका। इसके परिणामस्वरूप, यह मुद्दा अब सड़कों पर आ गया है। सत्ताधारी पक्ष का आरोप है कि विपक्ष ने महिलाओं के आरक्षण में बाधा उत्पन्न की है। वहीं, विपक्ष का कहना है कि उन्होंने महिला आरक्षण के नाम पर बीजेपी की छोटे राज्यों और दक्षिण भारत के राज्यों के अधिकारों को छीनने की योजना को विफल कर दिया।


महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी

इस राजनीतिक विवाद में महिलाओं की भागीदारी एक महत्वपूर्ण विषय है, जो कि कई दावों के बावजूद काफी कम है। वर्तमान लोकसभा में बीजेपी के 240 सांसदों में से केवल 31 महिलाएं हैं, जो कि कुल 12.90 प्रतिशत है। कांग्रेस के पास 14 (14.30 प्रतिशत) और टीएमसी के पास 11 महिला सांसद (37.90 प्रतिशत) हैं। कुछ पार्टियों को छोड़कर, हर पार्टी में महिलाओं का संसद में प्रतिनिधित्व 33 प्रतिशत से कम है। राज्य विधानसभाओं में यह स्थिति और भी चिंताजनक है.


महिला प्रतिनिधियों की संख्या

महिला सांसद


एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक राइट्स और नेशनल इलेक्शन वॉच द्वारा हाल ही में जारी एक रिपोर्ट में यह बताया गया है कि महिलाएं राजनीति में अपनी जगह बनाने में असफल रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में कुल 4,666 सांसदों और विधायकों में से केवल 464 यानी 10 प्रतिशत महिलाएं हैं।


राज्यों में महिला विधायकों की स्थिति

रिपोर्ट में उन पांच राज्यों का उल्लेख किया गया है जहां सबसे अधिक महिला विधायक हैं। ये राज्य हैं: दिल्ली और ओडिशा।


दिल्ली- 14 प्रतिशत
ओडिशा- 14 प्रतिशत
छत्तीसगढ़- 13 प्रतिशत
उत्तर प्रदेश- 13 प्रतिशत
त्रिपुरा- 12 प्रतिशत


कम महिला विधायकों वाले राज्य

नागालैंड- 2 प्रतिशत
अरुणाचल प्रदेश- 5 प्रतिशत
जम्मू-कश्मीर- 5 प्रतिशत


राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में विधायकों की संख्या में महिलाओं की स्थिति और भी खराब है। देशभर में कुल 4,123 विधायकों में से केवल 390 (9 प्रतिशत) महिलाएं हैं। उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 47 महिला विधायक हैं, जबकि पश्चिम बंगाल में 40 और बिहार में 29 महिला विधायक हैं।