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महिलाओं के लिए आरक्षण: संसद में विशेष सत्र की तैयारी

केंद्र सरकार ने महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटें आरक्षित करने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया है। इस सत्र में परिसीमन विधेयक और संविधान संशोधन विधेयक पर चर्चा होगी। विपक्षी दल परिसीमन के फॉर्मूले का विरोध कर रहे हैं, जिससे सत्र में हंगामा और बहस की संभावना है। जानें इस विशेष सत्र में क्या-क्या महत्वपूर्ण घटनाएं घटित हो सकती हैं।
 

महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण

केंद्र सरकार ने संसद और विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटें आरक्षित करने के उद्देश्य से एक विशेष सत्र बुलाया है। इस सत्र में परिसीमन विधेयक और संविधान संशोधन विधेयक को भी पारित कराने की योजना है। इसके तहत लोकसभा की सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने की तैयारी की जा रही है। विपक्षी दल, जो महिला आरक्षण का समर्थन कर रहे हैं, परिसीमन के फॉर्मूले का विरोध कर रहे हैं। इस तीन दिवसीय विशेष सत्र में इस मुद्दे पर तीव्र बहस और हंगामे की संभावना है। यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि विपक्षी दल मतदान में भी विरोध कर सकते हैं। दिलचस्प बात यह है कि संविधान संशोधन विधेयक बिना विपक्ष के समर्थन के पारित नहीं हो सकता।


पढ़िए हर जरूरी अपडेट

Live Updates




2026-04-16T11:59



मीसा भारती का बयान


आरजेडी सांसद मीसा भारती ने कहा, 'कल सभी विपक्षी दलों के नेताओं की एक बैठक हुई थी, जिसमें हमने तय किया कि हम परिसीमन का विरोध करेंगे।'





2026-04-16T11:56



विधेयक पेश करने के लिए मतदान


पक्ष में पड़े वोट-207


खिलाफ पड़े वोट-126





2026-04-16T11:44



डीएमके का विरोध


तमिलनाडु में सत्तारूढ़ डीएमके डिलिमिटेशन विधेयक का विरोध कर रही है। डीएमके के सांसदों और नेताओं ने आज काले कपड़े पहने हैं और विधेयक की प्रतियां भी जलाई हैं।





2026-04-16T11:39



अखिलेश यादव का सवाल, अमित शाह का जवाब


सपा के नेता अखिलेश यादव के सवाल पर अमित शाह ने कहा, 'अखिलेश यादव ने पूछा है कि जनगणना क्यों नहीं हो रही है। मैं बताना चाहता हूं कि जनगणना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और जातिगत जनगणना का निर्णय लिया गया है।'





2026-04-16T11:39



बिल पेश करने का प्रस्ताव


कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 और डिलिमिटेशन विधेयक 2026 पेश करने का प्रस्ताव रखा। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करने का प्रस्ताव रखा।