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महेंद्र सिंह धोनी ने इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में खेलने से किया इनकार

महेंद्र सिंह धोनी ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि वह आईपीएल में इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में नहीं खेलना चाहते। यह जानकारी सीएसके के पूर्व बल्लेबाज सुब्रमण्यम बद्रीनाथ ने साझा की। धोनी का मानना है कि वह पूर्णकालिक विकेटकीपर बने रहना चाहते हैं, जिससे उनकी भूमिका और भविष्य पर सवाल उठ रहे हैं। जानें इस निर्णय के पीछे की वजहें और धोनी के क्रिकेट करियर की वर्तमान स्थिति के बारे में।
 

धोनी का स्पष्ट बयान


पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान और चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के प्रमुख खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी ने यह स्पष्ट किया है कि वह इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में खेलना नहीं चाहते। इस बात का खुलासा सीएसके के पूर्व बल्लेबाज सुब्रमण्यम बद्रीनाथ ने किया।


धोनी, जो एक अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज हैं, ने कहा है कि यदि वह खेलना जारी रखते हैं, तो वह पूर्णकालिक विकेटकीपर के रूप में ही रहना चाहेंगे।


बद्रीनाथ का मानना है कि 45 वर्षीय धोनी के लिए इस समय इम्पैक्ट प्लेयर की भूमिका उपयुक्त हो सकती है, क्योंकि उनकी उम्र के कारण 20 ओवर तक विकेटकीपिंग करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।


उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि धोनी ने उन्हें बताया है कि वह इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में नहीं खेलेंगे। उनका मानना है कि उन्हें पूरे 20 ओवर तक मैदान पर रहना चाहिए। हालांकि, अगर वह इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में खेलते हैं, तो इससे सीएसके को रणनीतिक लाभ मिल सकता है।


बद्रीनाथ ने यह भी कहा कि धोनी के लिए लंबे समय तक खेलना कठिन हो सकता है, जैसा कि सीएसके के पूर्व मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने भी कहा है।


धोनी ने पिछले कुछ सत्रों में फिटनेस से जुड़ी समस्याओं का सामना किया है, जिससे उनके आईपीएल में भविष्य को लेकर अटकलें बढ़ गई हैं।


बद्रीनाथ का मानना है कि इम्पैक्ट प्लेयर नियम धोनी पर काम का बोझ कम कर सकता है, जिससे सीएसके उनके अनुभव और 'फिनिशर' की भूमिका का लाभ उठा सकेगी।


धोनी की विकेटकीपर के रूप में खेलने की प्राथमिकता का मतलब है कि सीएसके को अगले साल आईपीएल में उनकी भागीदारी पर निर्णय लेने के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।


धोनी ने सीएसके को पांच आईपीएल खिताब दिलाए हैं और 2024 के सत्र से पहले कप्तानी छोड़ दी थी, जिसके बाद उनकी बल्लेबाजी की भूमिका भी सीमित हो गई है।