महेंद्रगढ़ जेल में नशीले पदार्थ की बरामदगी, वार्डर पर गंभीर आरोप
हरियाणा जेल में नशीले पदार्थ की आपूर्ति का मामला
हरियाणा जेल समाचार: महेंद्रगढ़ जिले की नारनौल जेल में एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें बंदियों तक प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की पहुंच का आरोप है। जेल प्रशासन ने बताया कि एक हवालाती बंदी की तलाशी के दौरान 29 ग्राम सुल्फा बरामद किया गया। पूछताछ में बंदी ने दावा किया कि उसे यह पदार्थ ड्यूटी पर तैनात एक वार्डर ने दिया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बंदी संजय उर्फ चव्वनी और वार्डर संजीव कुमार के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और प्रिजन एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
घटना का विवरण
जिला जेल के उप अधीक्षक रविंद्र कुमार ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि 20 अक्टूबर को वार्डर संजीव कुमार की ड्यूटी सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक थी। दोपहर करीब एक बजे वह मुलाकात कक्ष के सामने बने टीन शेड में बैठा था, जहां हवालाती बंदी संजय उर्फ चव्वनी भी मौजूद था। जेल प्रशासन को कुछ संदिग्ध गतिविधियों का संदेह हुआ, जिसके बाद सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। इसके बाद बंदी को जेल ड्योढ़ी में बुलाकर उसकी तलाशी लेने का निर्णय लिया गया।
सुल्फा की बरामदगी
शिकायत के अनुसार, वार्डर हर्षरोज ने अन्य जेल कर्मचारियों की मौजूदगी में बंदी संजय उर्फ चव्वनी की तलाशी ली। इस दौरान उसके पास से काले रंग की पन्नी में रखा सुल्फानुमा पदार्थ बरामद हुआ, जिसका वजन इलेक्ट्रॉनिक कांटे पर 29 ग्राम पाया गया। इसके बाद जेल प्रशासन ने पुलिस को सूचित किया और बरामद पदार्थ को सौंपते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की।
वार्डर पर आरोप
पूछताछ के दौरान, बंदी संजय उर्फ चव्वनी ने आरोप लगाया कि वार्डर संजीव कुमार ने उसे मुलाकात कक्ष के सामने यह पदार्थ दिया था। इस बयान के आधार पर वार्डर की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज, संबंधित कर्मचारियों के बयान और अन्य साक्ष्यों की जांच करनी होगी ताकि यह पता चल सके कि यह पदार्थ जेल के भीतर कैसे पहुंचा और क्या इसमें किसी कर्मचारी की संलिप्तता थी।