महेश दीक्षित बने इंटेलिजेंस ब्यूरो के नए प्रमुख, कश्मीर मामलों के विशेषज्ञ
नई नियुक्ति से सुरक्षा तंत्र को मिलेगा नया नेतृत्व
नई दिल्ली: भारत की प्रमुख खुफिया एजेंसी 'इंटेलिजेंस ब्यूरो' (IB) में महत्वपूर्ण बदलाव की प्रक्रिया पूरी हो गई है। केंद्र सरकार ने स्पेशल डायरेक्टर महेश दीक्षित को प्रमोट करते हुए उन्हें इंटेलिजेंस ब्यूरो का नया प्रमुख नियुक्त किया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, महेश दीक्षित का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तारीख से अगले दो वर्षों तक रहेगा। इस नियुक्ति के साथ देश की आंतरिक सुरक्षा और खुफिया तंत्र को एक अनुभवी और सक्षम अधिकारी का नेतृत्व प्राप्त हुआ है।
महेश दीक्षित का अनुभव और विशेषज्ञता
कश्मीर मामलों और आतंकवाद विरोधी अभियानों में विशेषज्ञता
महेश दीक्षित, जो कि एक डॉक्टर से आईपीएस अधिकारी बने हैं, आंध्र प्रदेश कैडर के 1993 बैच के तेज-तर्रार अफसर हैं। उनके पास आतंकवाद विरोधी अभियानों का व्यापक अनुभव है। उन्हें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के मामलों का गहरा जानकार माना जाता है। इंटेलिजेंस ब्यूरो के प्रमुख बनने से पहले, उन्होंने लद्दाख में आईबी के ऑपरेशंस की जिम्मेदारी संभाली थी। इसके अतिरिक्त, वह कश्मीर सब्सिडियरी इंटेलिजेंस ब्यूरो के प्रमुख के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।
महेश दीक्षित की महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ
आर्टिकल 370 हटने के समय की भूमिका
महेश दीक्षित के करियर की एक प्रमुख उपलब्धि अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाने के समय की है। उस समय घाटी की स्थिति बेहद संवेदनशील थी। ऐसे समय में, उन्होंने खुफिया तंत्र की कमान संभालते हुए जम्मू-कश्मीर में कानून-व्यवस्था को बनाए रखने और आतंकवादी साजिशों को विफल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी इस क्षमता और ग्राउंड जीरो की गहरी समझ ने उन्हें इस महत्वपूर्ण पद तक पहुँचाया है।
तपन डेका की जगह लेंगे महेश दीक्षित
नए आईबी प्रमुख की चुनौतियाँ
महेश दीक्षित, हिमाचल प्रदेश कैडर के 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी तपन डेका की जगह लेंगे, जो 2022 से इंटेलिजेंस ब्यूरो के प्रमुख के रूप में कार्यरत थे। अब महेश दीक्षित के हाथों में इस महत्वपूर्ण खुफिया संस्थान की कमान होगी, जिनके सामने वैश्विक परिस्थितियों और सीमा पार से होने वाली साजिशों का सामना करने की चुनौती होगी।