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मानसा में झोटा हत्या मामले में इंसाफ की मांग जारी, सीबीआई की जांच भी तेज

पंजाब के मानसा में परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में परिवार और एक्शन कमेटी का धरना 14वें दिन भी जारी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सभी उचित मांगें मान ली हैं, लेकिन परिवार अंतिम संस्कार का निर्णय खुद लेना चाहता है। सीबीआई की जांच भी जारी है, जिसमें मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी की गई है। मनप्रीत कौर ने नशे के खिलाफ एक साझा आंदोलन की अपील की है, ताकि अन्य परिवारों को इस समस्या से बचाया जा सके।
 

झोटा की हत्या के खिलाफ धरना जारी

मानसा: पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में परिवार और एक्शन कमेटी का धरना 14वें दिन भी जारी है। परिवार और एक्शन कमेटी मुख्यमंत्री भगवंत मान और डीजीपी के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकार ने परिवार और कमेटी की सभी उचित मांगें मान ली हैं, और अंतिम संस्कार का निर्णय परिवार और कमेटी को लेना है।


सीबीआई की जांच में तेजी

इस बीच, सीबीआई द्वारा मामले की जांच जारी है। सोमवार को जांच टीम ने मानसा के वीर नगर मोहल्ले में दो मेडिकल स्टोरों के गोदामों पर छापेमारी की। सीबीआई की टीम 20 अक्टूबर की रात को मानसा पहुंची थी और तब से मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।


एक्शन कमेटी का परिवार के साथ बैठक का निर्णय

धरने को आगे बढ़ाने और आंदोलन की अगली रणनीति तय करने के लिए एक्शन कमेटी ने सोमवार को झोटा के परिवार के साथ बैठक करने का निर्णय लिया है। हालांकि, सरकार द्वारा गठित कमेटी के साथ अभी कोई बैठक तय नहीं हुई है। माना जा रहा है कि प्रशासन के साथ बातचीत में अन्य मांगों के साथ परविंदर सिंह झोटा को शहीद का दर्जा देने का मुद्दा भी उठाया जा सकता है।


नशे के खिलाफ दवाओं की बिक्री पर रोक

झोटा हत्याकांड के बीच, पंजाब के होलसेल और रिटेल केमिस्टों ने नशे के खिलाफ कदम उठाने का ऐलान किया है। केमिस्टों ने ट्रामाडोल, प्रेगाबालिन और सभी प्रकार की साइकोट्रोपिक और नारकोटिक दवाओं की बिक्री बंद करने का निर्णय लिया है। यह कदम राज्य में नशे की समस्या के खिलाफ चल रहे प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


नशे के खिलाफ साझा आंदोलन की अपील

परविंदर सिंह झोटा की पत्नी मनप्रीत कौर ने कहा कि इस संघर्ष को केवल उनके पति की हत्या के आरोपियों को सजा दिलाने तक सीमित नहीं रखना चाहिए। इसे पंजाब में नशे के बढ़ते प्रचलन के खिलाफ एक साझा आंदोलन का रूप देना आवश्यक है, ताकि अन्य परिवारों को उजड़ने से बचाया जा सके।


सामाजिक एकता की आवश्यकता

मनप्रीत कौर ने किसानों, मजदूरों, युवाओं और विभिन्न संगठनों से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि परविंदर सिंह झोटा ने नशे के खिलाफ जो लड़ाई शुरू की थी, उसे आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने लोगों से इस संघर्ष में शामिल होकर पंजाब की युवा पीढ़ी को नशे से बचाने और अन्य परिवारों को बिखरने से रोकने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।