मानसा में झोटा हत्याकांड: परिवार की मांगें पूरी न होने तक अंतिम संस्कार टला
झोटा की मौत पर परिवार का विरोध जारी
मानसा, पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की मौत के मामले में स्थिति अभी भी जटिल बनी हुई है। घटना के 10 दिन बाद भी उनका पोस्टमॉर्टम नहीं हो सका है। झोटा की पत्नी, मनप्रीत कौर ने स्पष्ट किया है कि जब तक पंजाब सरकार उनके परिवार की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती, तब तक उनके पति का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। परिवार और एक्शन कमेटी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और डीजीपी गौरव यादव के इस्तीफे सहित 10 मांगों को लेकर अडिग हैं।
पंजाब विधानसभा में श्रद्धांजलि
इस बीच, 22 अक्टूबर को पंजाब विधानसभा में परविंदर सिंह झोटा को श्रद्धांजलि दी गई। सदन में स्पीकर और सभी विधायकों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें याद किया।
सीबीआई की पूछताछ
मामले की जांच कर रही सीबीआई की टीम ने मानसा के रेस्ट हाउस में झोटा के परिवार से लगभग एक घंटे तक पूछताछ की। यह परिवार की सीबीआई अधिकारियों के साथ दूसरी मुलाकात थी। इसके अलावा, जांच टीम ने मामले में आरोपी अश्विनी कुमार और विपिन कुमार के घरों की भी तलाशी ली।
मेडिकल स्टोर की जांच
सीबीआई ने श्मशानघाट रोड पर स्थित मानसा मेडिकल हॉल की भी जांच की। इस कार्रवाई के दौरान, पंजाब सरकार द्वारा निलंबित किए गए ड्रग इंस्पेक्टर को भी टीम के साथ लाया गया था। अधिकारियों ने मेडिकल स्टोर की जांच करने के साथ-साथ आसपास के दुकानदारों से भी पूछताछ की।
न्यायिक हिरासत में चारों आरोपी
मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों अश्विनी कुमार, नीलम रानी, विपिन कुमार और लाडी कुमार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के बाद चारों को 5 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले की जांच जारी है, जबकि झोटा के परिवार ने मांगें पूरी होने तक अंतिम संस्कार नहीं करने का निर्णय लिया है।