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मार्को रूबियो की बहरीन यात्रा: ईरान समझौते पर खाड़ी देशों की चिंताएं

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने बहरीन में कदम रखा है, जो उनकी खाड़ी यात्रा का अंतिम चरण है। उनका मुख्य उद्देश्य ट्रंप प्रशासन और ईरान के बीच हुए प्रारंभिक समझौते के संदर्भ में खाड़ी देशों को आश्वस्त करना है। इस यात्रा के दौरान, रूबियो खाड़ी देशों के अधिकारियों और गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। खाड़ी देशों को ईरान के साथ समझौते के संभावित प्रभावों को लेकर चिंता है, और रूबियो ने सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया है।
 

मार्को रूबियो की खाड़ी यात्रा का उद्देश्य

मनामा: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने गुरुवार को बहरीन में कदम रखा। यह उनकी तीन दिवसीय खाड़ी यात्रा का अंतिम चरण है, जिसका मुख्य उद्देश्य ट्रंप प्रशासन और ईरान के बीच हुए प्रारंभिक समझौते के संदर्भ में खाड़ी देशों को आश्वस्त करना है।


बहरीन में महत्वपूर्ण बैठकें

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार, रूबियो बहरीन के अधिकारियों और गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (जीसीसी) के प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे। जीसीसी में बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। यह यात्रा अमेरिका-ईरान प्रारंभिक समझौते के बाद उनकी पहली क्षेत्रीय कूटनीतिक यात्रा है।


ईरान के साथ समझौते पर खाड़ी देशों की चिंताएं

संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत में हुई बैठकों के दौरान, रूबियो ने यह स्पष्ट करने का प्रयास किया कि प्रस्तावित समझौता ईरान के पक्ष में अत्यधिक झुका हुआ नहीं है। खाड़ी देशों को यह चिंता है कि समझौते के तहत ईरान को मिलने वाली संभावित रियायतें उसकी क्षेत्रीय ताकत को बढ़ा सकती हैं।


खाड़ी देशों की सुरक्षा पर जोर

हाल के अमेरिका-इजरायल और ईरान संघर्ष के दौरान, कुछ खाड़ी देशों ने ईरानी हमलों का सामना किया था, जिससे वे इस समझौते के प्रभावों को लेकर विशेष रूप से सतर्क हैं। कुवैत में पत्रकारों से बात करते हुए, रूबियो ने कहा, “हम ऐसा कुछ नहीं करेंगे जो क्षेत्र में हमारे लंबे समय से चले आ रहे सहयोगियों की सुरक्षा को कमजोर करे।”


अमेरिका और खाड़ी देशों के बीच सुरक्षा सहयोग

खाड़ी देशों और अमेरिका के बीच सुरक्षा और सैन्य सहयोग का एक लंबा इतिहास रहा है। इन देशों में महत्वपूर्ण अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं, इसलिए अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी समझौते का प्रभाव पूरे मध्य पूर्व के शक्ति संतुलन पर पड़ सकता है।


यात्रा का कार्यक्रम

22 जून को अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने इस तीन दिवसीय दौरे की जानकारी दी थी, जिसमें मार्को रूबियो 23 से 25 जून तक संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, और बहरीन की यात्रा करेंगे। इस दौरान वे क्षेत्रीय प्राथमिकताओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे, जिनमें ईरान के साथ हुआ समझौता ज्ञापन (एमओयू), स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के माध्यम से सुरक्षित और निर्बाध समुद्री आवागमन सुनिश्चित करने के प्रयास, तथा क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने का महत्व शामिल है।


जीसीसी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक

बहरीन में, विदेश मंत्री रूबियो गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (जीसीसी) के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे, जहां क्षेत्र से जुड़े साझा हितों और प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा।