मुंबई के शिवाजी पार्क में CJP प्रदर्शन पर FIR दर्ज
शिवाजी पार्क में CJP प्रदर्शन का मामला
शिवाजी पार्क प्रदर्शन का मामला: मुंबई के शिवाजी पार्क में 2 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित प्रदर्शन के संबंध में मुंबई पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने आयोजकों और लगभग 400 से 500 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी और इस दौरान नारेबाजी, सार्वजनिक स्थान पर भीड़, और बिना अनुमति लाउडस्पीकर का उपयोग किया गया।
अनुमति न मिलने के बावजूद प्रदर्शन
मुंबई पुलिस ने पहले ही CJP को 2 अक्टूबर को शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की अनुमति देने से मना कर दिया था। पुलिस ने अनुमति से संबंधित पत्र में BMC से आवश्यक अनुमति न होने, संभावित ट्रैफिक जाम, शोर और आसपास के अस्पतालों में आवाजाही प्रभावित होने जैसी चिंताओं का उल्लेख किया था। इसके बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने 'जेल भरो आंदोलन' का ऐलान किया था। इसके बावजूद, प्रदर्शनकारी शिवाजी पार्क के गेट नंबर 6 के आसपास इकट्ठा हुए।
एफआईआर में दर्ज आरोप
मुंबई पुलिस के अनुसार, इस मामले में अनधिकृत जमावड़ा, नारेबाजी, यातायात में बाधा और बिना अनुमति लाउडस्पीकर के उपयोग से संबंधित आरोपों की जांच की जा रही है। FIR शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है। पुलिस ने लगभग 400-500 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया है। CJP से जुड़े कई लोगों के नाम भी शिकायत में शामिल हैं, जिनमें अभिजीत दिपके, आशुतोष रंका, प्रणय अहीरे और अन्य समर्थक शामिल हैं।
नाबालिगों की भागीदारी पर NHRC की कार्रवाई
शिवाजी पार्क प्रदर्शन में नाबालिग बच्चों की भागीदारी एक अलग मुद्दा बन गई है। NHRC ने 2 अक्टूबर के प्रदर्शन में नाबालिगों की उपस्थिति और उनकी तस्वीरों और वीडियो के सोशल मीडिया पर प्रसार के संबंध में शिकायत पर संज्ञान लिया है। आयोग ने मुंबई पुलिस, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत में X के ग्रिवांस ऑफिसर और महाराष्ट्र के महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रधान सचिव को नोटिस भेजे हैं।
प्रदर्शन में शामिल हुए फिल्म जगत के चेहरे
2 अक्टूबर के प्रदर्शन में कई प्रसिद्ध हस्तियां भी शामिल हुईं। नसीरुद्दीन शाह, शबाना आजमी और विशाल ददलानी ने शिवाजी पार्क में प्रदर्शन में भाग लिया। अभिनेता प्रकाश राज ने रिकॉर्डेड संदेश के माध्यम से अपना समर्थन व्यक्त किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। CJP ने यह मांग चुनाव आयोग में मतभेदों और मतदाता सूची के SIR से संबंधित उठाए गए सवालों के संदर्भ में की है। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया है और कहा है कि आयोग में सभी निर्णय सर्वसम्मति से लिए जाते हैं।