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मुंबई में PMO पहचान पत्र के साथ घुसने वाले युवक की गिरफ्तारी

मुंबई पुलिस ने रोहन पारेख को गिरफ्तार किया है, जिसने संदिग्ध PMO पहचान पत्र दिखाकर जियो वर्ल्ड प्लाजा में घुसने का प्रयास किया। अदालत ने उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया है। वकील का कहना है कि रोहन ठगी का शिकार हो सकता है, क्योंकि उसे विश्वास था कि वह पीएमओ के लिए काम कर रहा है। पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है और कई खामियों के चलते पहचान पत्र को संदिग्ध माना जा रहा है। जानें इस मामले की पूरी कहानी।
 

गिरफ्तारी का मामला

मुंबई पुलिस ने रोहन पारेख नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो संदिग्ध प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) पहचान पत्र दिखाकर बीकेसी के जियो वर्ल्ड प्लाजा में प्रवेश करने का प्रयास कर रहा था। मंगलवार को अदालत में रोहन के वकील ने कहा कि उनका मुवक्किल वास्तव में यह मानता था कि वह पीएमओ के लिए काम कर रहा है।


पुलिस हिरासत में भेजा गया

एक स्थानीय अदालत ने सोमवार को इस मामले में रोहन पारेख को 11 सितंबर तक पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया। यह मामला तब सामने आया जब उसके 'बॉडीगार्ड' दिलीप कुंडे को हथियार के साथ प्रवेश द्वार पर रोका गया। सुरक्षाकर्मियों ने रोहन की पहचान पर सवाल उठाए।


कैसे हुआ खुलासा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बीकेसी में जियो वर्ल्ड सेंटर की यात्रा से एक दिन पहले, रोहन पारेख ने वहां का दौरा किया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह घटना पीएम की यात्रा से संबंधित नहीं है। जब आयोजन की तैयारियां चल रही थीं, तब पारेख ने वेन्यू में प्रवेश किया।


पहचान पत्र में खामियां

पुलिस ने बताया कि रोहन के पास मौजूद PMO कार्ड में कई खामियां थीं। कार्ड पर जारी होने की तारीख तो थी, लेकिन वैधता की तारीख नहीं थी। इसके अलावा, कार्ड पर हस्ताक्षर तो थे, लेकिन पद का उल्लेख नहीं था। मुंबई क्राइम ब्रांच इस मामले की जांच कर रही है और CCTV फुटेज की भी समीक्षा की जा रही है।


क्या रोहन ठगी का शिकार हुआ?

रोहन के वकील ने अदालत में कहा कि उनके मुवक्किल को विश्वास था कि उसे PMO से जुड़ी भूमिका दी गई है और वह संभवतः धोखाधड़ी का शिकार हुआ है। वकील ने बताया कि एक व्यक्ति ने रोहन को PMO के लिए काम करने का प्रस्ताव दिया था।


संदिग्ध संचार

वकील ने यह भी कहा कि रोहन को PMO पहचान पत्र की असली कॉपी नहीं मिली थी, बल्कि उसे यह कार्ड स्क्रीनशॉट के रूप में भेजा गया था। रोहन ने सभी दस्तावेज और संचार जांच अधिकारी को सौंप दिए हैं।


पुलिस की जांच

पुलिस ने बताया कि कुंडे के पास का हथियार लाइसेंसी था। अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और एक अन्य व्यक्ति की तलाश जारी है। क्राइम ब्रांच यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संदिग्ध सरकारी पहचान पत्र कैसे प्राप्त किया गया।


सुरक्षा चूक की जांच

पुलिस आरोपियों की भूमिका और हथियार के साथ वेन्यू में घुसने की मंशा की भी जांच कर रही है। पीएम मोदी की यात्रा से पहले हुई यह सुरक्षा चूक उनके कार्यक्रम से संबंधित नहीं है, यह स्पष्ट किया गया है।