मुंबई में पीएम मोदी के दौरे से पहले दो संदिग्धों की गिरफ्तारी
संदिग्धों की गिरफ्तारी की घटना
दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुंबई दौरे से एक दिन पहले (7 सितंबर) एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर (NMACC) के निकट दो संदिग्धों को हथियारों के साथ पकड़ा गया।
यह चिंता का विषय है कि इनमें से एक संदिग्ध के पास लाइसेंसी बंदूक थी और उसने खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का एक वरिष्ठ अधिकारी बताया। मंगलवार को जब पीएम मोदी मुंबई में थे, तब यह घटना चर्चा का विषय बन गई। पुलिस ने 24 वर्षीय एक व्यक्ति को हिरासत में लिया, जो पीएमओ का सीनियर अधिकारी होने का दावा कर रहा था, और उसके साथ एक हथियारबंद बॉडीगार्ड भी था, जो पहले वीवीआईपी सुरक्षा में काम कर चुका था।
अधिकारियों को संदिग्ध की गतिविधियों पर संदेह हुआ, जब स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) और मुंबई पुलिस पीएम मोदी के आगमन से पहले BKC क्षेत्र में सुरक्षा चेकिंग और नाकाबंदी कर रहे थे। पूछताछ के दौरान, संदिग्ध ने एक पीएमओ पहचान पत्र प्रस्तुत किया, जो बाद में नकली साबित हुआ। उसके बॉडीगार्ड की तलाशी में एक भरी हुई पिस्तौल भी मिली। मुंबई पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस घटना का प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से कोई संबंध नहीं है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, जांच मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच की यूनिट 1 को सौंप दी गई है। चूंकि मामला पीएमओ से संबंधित है, केंद्रीय इंटेलिजेंस एजेंसियां भी जांच में शामिल हो गई हैं। दोनों संदिग्धों से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि उन्होंने नकली पहचान पत्र कैसे बनाया और उनका असली मकसद क्या था।
सतीश मानेशिंदे ने कहा कि यह मामला संवेदनशील है, इसलिए आधिकारिक बयान केवल पूरी जांच और सत्यापन के बाद ही जारी किया जाएगा। इस बीच, यह ध्यान देने योग्य है कि संदिग्ध का 'जियो मॉल' का दौरा पूरी तरह से निजी था और पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इसका प्रधानमंत्री के दौरे से कोई संबंध नहीं है।