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मुंबई में फर्जी PMO पहचान पत्र मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज

मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में एक फर्जी PMO पहचान पत्र के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। आरोपी रोहन पारेख को पुलिस हिरासत में भेजा गया है, जबकि उनके बॉडीगार्ड को भी गिरफ्तार किया गया है। जांच में कई खामियां सामने आई हैं, और वकील ने अदालत में पारेख के PMO में काम करने के दावों को पेश किया है। जानें इस मामले की पूरी कहानी और पुलिस की जांच के विवरण।
 

फर्जी पहचान पत्र का मामला


नई दिल्ली: मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में एक कथित फर्जी PMO पहचान पत्र के मामले में पुलिस ने अपनी कार्रवाई को तेज कर दिया है। आरोपी रोहन पारेख को अदालत ने 11 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। उनके साथ मौजूद बॉडीगार्ड दिलीप कुंडे को भी गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास एक लाइसेंसी हथियार पाया गया। पुलिस ने बताया कि मामले में एक अन्य व्यक्ति, प्रथमेश बागुल, भी वांछित है। अब पुलिस पूरे घटनाक्रम और पहचान पत्र से संबंधित दावों की गहन जांच कर रही है।


घटनाक्रम का विवरण

मुंबई पुलिस के अनुसार, रोहन पारेख 7 सितंबर की शाम को BKC में एक कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और अंदर चले गए। उनके बॉडीगार्ड दिलीप कुंडे ने भी प्रवेश की कोशिश की, लेकिन उन्हें डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर पर रोका गया क्योंकि उनके पास हथियार था। इसके बाद, पारेख ने कथित PMO पहचान पत्र दिखाया, लेकिन जांच में कार्ड की वैधता और उस पर दर्ज जानकारी पर सवाल उठे।


पहचान पत्र में खामियां

पुलिस के अनुसार, इस पहचान पत्र पर जारी करने की तारीख तो थी, लेकिन वैधता की तारीख नहीं थी। सरकारी पहचान पत्रों में आमतौर पर ऐसी जानकारी होती है। कार्ड पर जारी करने वाले के हस्ताक्षर थे, लेकिन उनका पद नहीं लिखा गया था। इसमें पारेख को 'ग्रेड C अधिकारी' बताया गया था। इन बिंदुओं के आधार पर, पुलिस अब दस्तावेज की वास्तविकता और इसे तैयार करने वाले व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है।


अदालत में वकील का दावा

मंगलवार को अदालत में रोहन पारेख के वकील ने कहा कि 2024 में तरुण कपूर नामक व्यक्ति ने पारेख को PMO में काम करने का प्रस्ताव दिया था। वकील के अनुसार, उन्हें महक गुप्ता के लिए एक एडवाइजरी भूमिका और तरुण गुप्ता से संबंधित एक ईमेल मिला था। पारेख के पास PMO से संबंधित ईमेल, एक कथित आधिकारिक ऑफर लेटर और प्रधानमंत्री के हस्ताक्षर वाला पत्र भी मिलने का दावा किया गया है।


बॉडीगार्ड रखने के निर्देश

पारेख के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल ने लंदन के एक विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है और भू-राजनीति से संबंधित अध्ययन UNESCO को सौंपा है। वकील के अनुसार, पारेख ने BSc की डिग्री प्राप्त की है और 2024 से उनके पास एक निजी बॉडीगार्ड है। उनका दावा है कि पारेख को बॉडीगार्ड रखने के निर्देश भी मिले थे। पारेख का कहना है कि पहचान पत्र उन्हें स्क्रीनशॉट के रूप में भेजा गया था और इसकी कोई भौतिक प्रति उन्हें नहीं मिली।


निजी काम से BKC जाने का दावा

पारेख ने पुलिस को बताया कि वह कार्यक्रम स्थल पर निजी काम से गए थे। उनके अनुसार, वह अपनी मंगेतर के लिए परफ्यूम खरीदने के लिए मॉल गए थे। वकील ने मामले से संबंधित दस्तावेज जांच अधिकारियों को सौंपने की बात कही है। इस बीच, पुलिस वांछित आरोपी प्रथमेश बागुल की तलाश कर रही है। BKC थाने में भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।