मुंबई में मोहर्रम जुलूस के दौरान जहरीली गोलियों की साजिश का खुलासा
साजिश का खुलासा
मुंबई: मुंबई के भायखला और जेजे मार्ग क्षेत्र में मोहर्रम के जुलूस के दौरान एक चौंकाने वाली साजिश का पर्दाफाश हुआ है। जुलूस में शामिल निर्दोष लोगों को विटामिन और पेनकिलर की गोलियों के रूप में जिंक फॉस्फाइड नामक खतरनाक जहर बांटा जा रहा था। समय पर पुलिस और स्थानीय निवासियों की सतर्कता ने इस भयानक योजना को विफल कर दिया, अन्यथा एक बड़ा जनसंहार हो सकता था। पुलिस ने इस साजिश के मुख्य आरोपी, पुणे निवासी फैयाज निसार हुसैन प्रेमजी को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से और डोंगरी में उसके ठिकाने से बड़ी मात्रा में जहर बरामद हुआ है।
मौत के कैप्सूल का वितरण
दर्द और कमजोरी की दवा कहकर बांटे गए कैप्सूल
जानकारी के अनुसार, आरोपी फैयाज और उसके कुछ साथी जुलूस में शामिल लोगों को यह बताकर कैप्सूल दे रहे थे कि यह स्वास्थ्य के लिए लाभकारी विटामिन है और इससे शरीर का दर्द ठीक हो जाएगा। 'नेक काम' और 'मुफ्त दवा' के लालच में कई लोगों ने इसे स्वीकार कर लिया।
एक युवक की तबीयत बिगड़ी
इस दौरान, सलमान सईद नामक एक युवक ने यह कैप्सूल खा लिया, जिसके बाद उसे तुरंत उल्टी और गंभीर बेचैनी का सामना करना पड़ा। उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को स्थिर कर दिया। पीड़ित के साथी अली अब्बास सैयद ने बताया कि सलमान को यह गोली एक महिला से मिली थी, जो इसे नेक काम समझकर अपने बच्चों को भी देने जा रही थी। सलमान की तबीयत बिगड़ने पर इस साजिश का पता चला और तुरंत पुलिस को सूचित किया गया।
साजिश की योजना
15 दिन से चल रही थी साजिश
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी फैयाज पिछले 15 दिनों से मुंबई के डोंगरी में एक कमरे में इस खतरनाक योजना को अंजाम देने में लगा था। उसने ऑनलाइन 50 किलो जिंक फॉस्फाइड और लगभग 30,000 खाली कैप्सूल मंगाए थे। वह अकेले ही हर खाली कैप्सूल में लगभग 1 ग्राम जहर भर रहा था। पुलिस ने उसके कमरे पर छापेमारी की, जहां से 15,000 तैयार जहरीले कैप्सूल और जहर का बड़ा भंडार बरामद हुआ।
आरोपी का इरादा
15,000 लोगों को मारने की योजना
पुलिस के अनुसार, आरोपी फैयाज ने पूछताछ में अपने अपराध को स्वीकार कर लिया है। उसका इरादा कुल 30,000 कैप्सूल तैयार कर जुलूस में बांटने का था, जिससे लगभग 15,000 लोगों की जान लेने की योजना थी। फिलहाल पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या फैयाज अकेला था या उसके साथ कोई बड़ा नेटवर्क शामिल था।