मुख्य चुनाव आयुक्त पर CJP का हमला, 48 घंटे में इस्तीफे की मांग
नई दिल्ली में चुनाव आयोग में मतदाता सूची पर विवाद
नई दिल्ली। चुनाव आयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और अन्य चुनाव आयुक्तों के बीच मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण को लेकर मतभेद अब नए मतदाताओं पर असर डालने लगा है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया में देरी हो रही है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले 10 महीनों में, दो चुनाव आयुक्तों ने एसआईआर और चुनाव आयोग की प्रक्रियाओं पर लगभग 14 बार आपत्तियां उठाई हैं। इस मुद्दे को लेकर सीईसी ज्ञानेश कुमार विपक्ष के निशाने पर हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी उन पर हमला बोलते हुए 48 घंटे के भीतर इस्तीफा देने की मांग की है।
सीजेपी ने गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीईसी पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार देश के लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं। उनकी तीन प्रमुख मांगें हैं, जिसमें पहली यह है कि ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त किया जाए। इसके अलावा, सभी आगामी चुनावों पर रोक लगाने और एसआईआर प्रक्रिया को समाप्त करने की मांग की गई है। सीजेपी ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट को सभी एसआईआर फाइलों को जब्त कर अपनी कस्टडी में लेना चाहिए।
ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीजेपी ने कहा कि यदि ज्ञानेश कुमार मोदी की चापलूसी करना चाहते हैं, तो उन्हें बेहतर होगा कि वे उनके घर पर चपरासी बन जाएं। ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे के भीतर इस्तीफा देना चाहिए, अन्यथा सीजेपी देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू करेगी।
सीजेपी ने कहा कि वे पूरे देश में लोगों को एकजुट करेंगे और दिल्ली में आंदोलन करेंगे। जब तक सिस्टम में सुधार नहीं होता, तब तक विपक्षी पार्टियों को चुनावों का बहिष्कार करना चाहिए। आरोप लगाया गया कि ज्ञानेश कुमार के मुख्य चुनाव आयुक्त बनने के बाद यह तय हो गया है कि कौन चुनाव जीतेगा और कौन हारेगा। महाराष्ट्र में 2 करोड़ से अधिक वोट हटा दिए गए हैं, और दिल्ली में 47 लाख मतदाताओं को मतदाता सूची से हटाया जा रहा है। अब तक 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जा चुके हैं।
बीजेपी की प्रॉक्सी पार्टियों का आरोप
सीजेपी ने यह भी आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव-2024 में पैनिक बटन दबाया गया था। सभी क्षेत्रीय नेताओं को वोट हटाकर हराया गया। अभिजीत दीपके ने कहा कि बीजेपी की जीत ज्ञानेश कुमार की वजह से हो रही है, न कि नरेंद्र मोदी की लहर के कारण।