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मुख्यमंत्रियों ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को दी श्रद्धांजलि

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर विभिन्न भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। योगी आदित्यनाथ, मोहन यादव, और अन्य नेताओं ने उनके योगदान और विचारों को याद किया। जानें उनके बलिदान का महत्व और राष्ट्र के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के बारे में।
 

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि

नई दिल्ली: ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान, दो निशान, नहीं चलेंगे’ का नारा देने वाले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।


योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान, नहीं चलेंगे’ के उद्घोषक, प्रखर राष्ट्रवादी और जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि। उनका बलिदान भारत की एकता और अखंडता के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।"


मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी 'एक्स' पर लिखा, "‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे’ का उद्घोष कर राष्ट्र के लिए जीवन समर्पित करने वाले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।"


हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने लिखा, "महान राष्ट्रभक्त और शिक्षाविद् डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटिशः नमन। उनका योगदान आज भी प्रेरणास्रोत है।"


राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा, "डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें कोटिशः नमन! उनका त्याग भारतीय इतिहास में अमिट रहेगा।"


उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लिखा, "राष्ट्र की एकता और सांस्कृतिक चेतना के प्रखर पुरोधा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर कोटिशः नमन।"


बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी, "महान शिक्षाविद और राष्ट्रनिष्ठ विचारक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।"


उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लिखा, "डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि! उनका संघर्ष और बलिदान भारतीय इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगा।"